टोरेंट पावर की फ्रेंचाइजी खत्म करने और दो अन्य बिजली वितरण कंपनियों को मौका देने की मांग; नागरिकों से धरने में शामिल होने की अपील
आदिल नोमानी
भिवंडी, 22 अक्टूबर। भिवंडी में टोरेंट पावर की बिजली वितरण व्यवस्था के खिलाफ चल रहे ‘टोरेंट गो बैक’ आंदोलन को अब कुल जमाती तंजीम, भिवंडी का समर्थन मिल गया है। संगठन ने बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं को उठाते हुए हस्ताक्षर अभियान और आंदोलन में सक्रिय भागीदारी का ऐलान किया है। साथ ही, नागरिकों से शुक्रवार, 23 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे भिवंडी प्रांत कार्यालय के सामने होने वाले धरने में शांतिपूर्ण तरीके से शामिल होने की अपील की है।

बिजली बिल और मीटर को लेकर शिकायतें
कुल जमाती तंजीम के मुताबिक, भिवंडी में पिछले करीब 20 वर्षों से महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (MSEDCL) की वितरण फ्रेंचाइजी के तहत टोरेंट पावर बिजली वितरण का काम कर रही है। संगठन का आरोप है कि इस दौरान उपभोक्ताओं को अधिक बिजली बिल, मीटर की तेज रीडिंग, कथित फर्जी विजिलेंस मामलों और कर्मचारियों के दुर्व्यवहार जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा है। संगठन ने मांग की है कि उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए बिजली वितरण व्यवस्था में बदलाव किया जाए।
पावरलूम उद्योग पर भी असर का दावा
संगठन ने कहा कि बढ़ते बिजली बिलों का असर भिवंडी के पारंपरिक पावरलूम उद्योग और मोती के कारखानों पर भी पड़ रहा है। कभी ‘भारत का मैनचेस्टर’ कहलाने वाले भिवंडी में बड़ी संख्या में लोगों की आजीविका बिजली पर निर्भर उद्योगों से जुड़ी है। ऐसे में बिजली की लागत और उपभोक्ताओं की समस्याएं स्थानीय कारोबार तथा रोजगार को प्रभावित कर सकती हैं।
जनवरी 2027 में समझौते की अवधि खत्म होने का दावा
कुल जमाती तंजीम के अनुसार, जनवरी 2027 में MSEDCL और टोरेंट पावर के बीच फ्रेंचाइजी समझौते की अवधि समाप्त होने वाली है। संगठन का कहना है कि इस मौके पर सरकार और संबंधित अधिकारियों के समक्ष नागरिकों की मांगें मजबूती से रखी जानी चाहिए। इसी उद्देश्य से ‘टोरेंट गो बैक’ अभियान के तहत हस्ताक्षर जुटाए जा रहे हैं, जिन्हें ज्ञापन के रूप में महाराष्ट्र विद्युत नियामक आयोग (MERC) के समक्ष प्रस्तुत करने की योजना है।
दो अन्य कंपनियों को वितरण का मौका देने की मांग
संगठन की प्रमुख मांग है कि टोरेंट पावर की फ्रेंचाइजी व्यवस्था समाप्त की जाए और भिवंडी में बिजली वितरण के लिए अन्य दो लाइसेंसधारी कंपनियों को भी अवसर दिया जाए। तंजीम का मानना है कि इससे उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं, उचित बिलिंग और प्रतिस्पर्धा के जरिए राहत मिलने की संभावना बढ़ सकती है।
धरने में शामिल होने की अपील
कुल जमाती तंजीम ने नागरिकों से शुक्रवार, 23 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे भिवंडी प्रांत कार्यालय के सामने आयोजित धरने में शामिल होने और हस्ताक्षर अभियान को समर्थन देने की अपील की है। संगठन ने कहा कि नागरिकों के अधिकारों, उद्योगों को राहत और बेहतर बिजली व्यवस्था के लिए संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाना जरूरी है।

इस अवसर पर मौलाना औसाफ फलाही, फाजिल अंसारी, जलाल अंसारी, मोहम्मद हनीफ शमीम जनाब, जावेद फैजान आजमी, तंजीम अंसारी, जाकिर मोमिन, रईस अब्दुल लतीफ अंसारी, कासिम ताहिर सरदार, शाहिद पीरजादे, सैयद इजहार हुसैन जैदी, महबूब खान मोतीवाले, रियाज ताहिर मोमिन, मुफ्ती लईक अहमद कासमी, मौलाना जहीरुद्दीन बरकाती, अनवर अली अंसारी, मौलाना शमशाद नूरी, मौलाना जमीलुर्रहमान कासमी, अम्मार यासीन मास्टर, सलीम रहमतुल्लाह अंसारी और मौलाना रईस अहमद नदवी सहित संगठन के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद थे।

