मुंबई। गोरेगांव के नेस्को सेंटर में आयोजित शिंदे गुट की दशहरा रैली के दौरान वरिष्ठ नेता रामदास कदम ने एक सनसनीखेज दावा कर महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल ला दिया।
कदम ने कहा कि शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे के निधन के बाद उनकी पार्थिव देह को मातोश्री में दो दिनों तक रखा गया और इस दौरान उनके फिंगरप्रिंट लिए गए। कदम ने सवाल उठाते हुए कहा—
“आखिर पार्थिव देह को दो दिन तक क्यों रोका गया? उंगलियों के निशान किस मकसद से लिए गए? वसीयत कब और किसने तैयार की, उस पर किसके हस्ताक्षर थे? यह सारी जानकारी जनता के सामने आनी चाहिए।”
कदम ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि ये जानकारी उन्हें उन्हीं डॉक्टरों ने दी थी, जो बालासाहेब का इलाज कर रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि इस विषय पर चर्चा मातोश्री के अंदरूनी दायरे में भी होती रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर उनके बेटे योगेश कदम पर राजनीतिक हमले किए गए, तो वह हर स्तर पर सच सामने लाएंगे।
राजनीतिक हलकों में कदम का यह बयान हाल के वर्षों में बालासाहेब की मौत से जुड़ा सबसे सनसनीखेज दावा माना जा रहा है। शिंदे गुट ने इस पर अब तक चुप्पी साध रखी है, जबकि माना जा रहा है कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) आने वाले दिनों में इस पर कड़ा रुख अपना सकती है।

