नागरिकों का अनोखा विरोध प्रदर्शन — गेट पर फेंका तालाब का कचरा
अब्दुल गनी खान
भिवंडी शहर के वराला तालाब की बदहाल स्थिति से नाराज़ नागरिकों ने रविवार को अनोखे अंदाज़ में अपना विरोध दर्ज कराया। “हमारा तालाव, हमारी जिम्मेदारी” के नारे लगाते हुए प्रदर्शनकारियों ने तालाब से निकाले गए गंदगी और कचरे को सीधे भिवंडी महानगरपालिका मुख्यालय के मुख्य द्वार पर लाकर फेंक दिया। इस दौरान नागरिकों ने नगर प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए मनपा अधिकारियों की लापरवाही पर सवाल खड़े किए।

इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं और बच्चे शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वराला तालाब शहर के लिए पेयजल का एक प्रमुख स्रोत है, जहां से रोज़ाना लगभग 2 एमएलटी पानी नागरिकों को सप्लाई किया जाता है। इसके बावजूद तालाब की सफाई, रखरखाव और संरक्षण के प्रति मनपा प्रशासन पूरी तरह उदासीन बना हुआ है।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि लंबे समय से तालाब में गंदगी, प्लास्टिक और ठोस कचरे का जमाव है। बरसात के मौसम में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब तालाब का गंदा पानी आसपास की बस्तियों में फैलकर दुर्गंध, मच्छर और संक्रमण की समस्या को बढ़ा देता है। कई बार शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद मनपा प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

नागरिकों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही तालाब की सफाई और संरक्षण की दिशा में कदम नहीं उठाए गए, तो यह आंदोलन और व्यापक रूप में किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि “वराला तालाब सिर्फ पानी का स्रोत नहीं, बल्कि भिवंडी की पर्यावरणीय धरोहर है”, जिसे बचाना हर नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है।
स्थानीय पर्यावरणप्रेमियों का कहना है कि मनपा प्रशासन का लापरवाह रवैया न केवल नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए खतरा है, बल्कि शहर की जलापूर्ति व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है। यह विरोध प्रदर्शन भिवंडी में नागरिक जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति बढ़ती चेतना का एक सशक्त प्रतीक बनकर सामने आया है।

