अब्दुल गनी खान
ठाणे, राज्य की शासकीय आश्रमशालाओं में विद्यार्थियों की प्रवेश क्षमता बढ़ाने और इससे जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए 7 मई को ठाणे जिले के शहापूर तालुका स्थित अघई में एक दिवसीय राज्यस्तरीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी। यह कार्यशाला आदिवासी विकास मंत्री डॉ. अशोक उईके की संकल्पना पर आधारित है और ‘आत्मा मालिक शैक्षणिक संकुल’ में संपन्न होगी।
कार्यक्रम में मंत्री डॉ. अशोक उईके के साथ विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें सचिव दिनेश वाघमारे, आयुक्त लीना बनसोड, जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाळ, अपर आयुक्त गोपीचंद कदम और प्रकल्प अधिकारी दिवाकर काळपांडे समेत कई अधिकारी उपस्थित रहेंगे।
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 8:30 बजे पंजीकरण और चाय-नाश्ते से होगी। इसके बाद शहापूर प्रकल्प कार्यालय द्वारा तैयार किए गए विशेष प्रचार-प्रसार वाहन का उद्घाटन किया जाएगा, जिसका उद्देश्य अधिक से अधिक विद्यार्थियों को आश्रमशालाओं में प्रवेश के लिए प्रेरित करना है।
इस दौरान महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) में सफलता हासिल करने वाले और विदेशों के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में प्रवेश पाने वाले आदिवासी विद्यार्थियों का सम्मान भी किया जाएगा। कार्यक्रम में ‘Shaping Futures: A Journey of Tribal Development in Palghar’ नामक कॉफी टेबल बुकलेट का विमोचन और प्रवेशोत्सव के लिए तैयार किए गए जिंगल का लोकार्पण भी होगा। साथ ही, जव्हार प्रकल्प कार्यालय की ‘बेंगलोर भेट’ योजना पर आधारित एक जानकारीपूर्ण फिल्म भी प्रदर्शित की जाएगी।
दोपहर के सत्र में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया जाएगा। नाशिक और ठाणे विभाग के वरिष्ठ अधिकारी आश्रमशालाओं में सुविधाओं, स्वास्थ्य, सुरक्षा और शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार के लिए प्रस्तावित योजनाओं की रूपरेखा प्रस्तुत करेंगे।
कार्यशाला के दौरान विभिन्न प्रकल्पों के मुख्याध्यापक, गृहपाल और अधीक्षकों के साथ सीधा संवाद भी किया जाएगा। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगीत के साथ होगा।

