विरासत से मिली जमीन, दोहरे लाभ और अधूरी जानकारी के कारण रोकी गई भुगतान प्रक्रिया
लखनऊ:
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत उत्तर प्रदेश के लाखों किसानों की किस्त फिलहाल अटक गई है। कृषि विभाग के अनुसार, राज्य के करीब 19,04,105 किसान परिवारों की जानकारी अधूरी या गलत पाए जाने के कारण उनके भुगतान पर अस्थायी रोक लगा दी गई है।
सरकार की ओर से किसानों से अपील की गई है कि वे जल्द से जल्द अपनी जानकारी पोर्टल पर अपडेट कराएं, ताकि उनकी अटकी हुई किस्तों के भुगतान पर निर्णय लिया जा सके।
दरअसल, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6000 रुपये की आर्थिक सहायता तीन समान किस्तों में सीधे उनके आधार लिंक्ड बैंक खाते में भेजी जाती है। यह योजना छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहारा देने के उद्देश्य से शुरू की गई थी।
किन कारणों से रुकी किसानों की किस्त
कृषि विभाग के मुताबिक कई मामलों में किसानों की जानकारी अधूरी पाई गई है। प्रमुख कारणों में विरासत से मिली कृषि भूमि का सही विवरण दर्ज न होना, एक ही जमीन पर पूर्व और वर्तमान मालिक दोनों द्वारा योजना का लाभ लेना तथा फरवरी 2019 के बाद अन्य स्रोतों से भूमि प्राप्त करने के बावजूद जानकारी अपडेट न करना शामिल है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार
13,61,760 मामलों में किसानों ने पंजीकरण के समय पूर्व भू-स्वामी की सही जानकारी दर्ज नहीं कराई।
2,49,434 मामलों में एक ही जमीन पर पूर्व और वर्तमान मालिक दोनों योजना का लाभ ले रहे हैं।
2,92,911 किसानों ने 1 फरवरी 2019 के बाद विरासत के अलावा अन्य स्रोतों से भूमि प्राप्त की, लेकिन इसकी सूचना पोर्टल पर अपडेट नहीं की।
किसानों से जानकारी अपडेट करने की अपील
राज्य सरकार ने प्रभावित किसानों से अपील की है कि वे PM-KISAN पोर्टल (www.pmkisan.gov.in) पर जाकर “Update Missing Information” विकल्प के तहत अपनी अधूरी जानकारी और आवश्यक दस्तावेज जल्द अपलोड करें। किसान चाहें तो अपने नजदीकी जनसेवा केंद्र की मदद से भी यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
कृषि विभाग का कहना है कि जानकारी अपडेट होने के बाद ही अटकी हुई किस्तों के भुगतान पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
अधिकारियों ने दी यह सलाह
प्रदेश के कृषि मंत्री और विभागीय अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि वे योजना का लाभ सुचारू रूप से प्राप्त करने के लिए अपनी भूमि, आधार और बैंक खाते से संबंधित सभी जानकारी सही और अद्यतन रखें।
कृषि विभाग के अनुसार, यदि किसी किसान को योजना से संबंधित अधिक जानकारी चाहिए तो वह अपने जिले के उप कृषि निदेशक कार्यालय से संपर्क कर सकता है।
सरकार का मानना है कि पारदर्शिता बनाए रखने और सही लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाने के लिए यह प्रक्रिया आवश्यक है।

