अब्दुल गनी खान
भिवंडी: भिवंडी मनपा की स्थायी समिति सभापति पद के चुनाव में बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) ने शिवसेना (शिंदे गुट) को मात देते हुए स्थायी समिति पर कब्जा जमा लिया। राकांपा (शरद) की उम्मीदवार ईशा इमरान खान 4 मतों से जीत हासिल कर नई सभापति चुनी गईं। कांग्रेस के समर्थन और भाजपा नगरसेवकों की गैरहाजिरी ने चुनाव का समीकरण पूरी तरह बदल दिया।

भिवंडी मनपा मुख्यालय में बुधवार दोपहर स्थायी समिति सभापति का चुनाव ठाणे जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं पीठासीन अधिकारी रणजीत यादव की मौजूदगी में संपन्न हुआ। चुनाव मैदान में राकांपा (शरद) की ओर से ईशा इमरान खान, शिवसेना (शिंदे) की ओर से अस्मिता प्रभुदास नाइक और भाजपा की ओर से विठोबा नाइक ने नामांकन दाखिल किया था। हालांकि नामांकन वापसी के दौरान भाजपा की गीता नाइक ने अपना नाम वापस ले लिया, जिसके बाद मुकाबला सीधा राकांपा (शरद) और शिवसेना (शिंदे) के बीच रह गया।
हाथ उठाकर हुए मतदान में ईशा खान को कांग्रेस, राकांपा (शरद) और भिवंडी विकास आघाड़ी के कुल 8 सदस्यों का समर्थन मिला। वहीं शिवसेना (शिंदे), समाजवादी पार्टी और कोणार्क विकास आघाड़ी के समर्थन से अस्मिता नाइक को 4 वोट मिले। इस तरह ईशा खान ने 4 मतों के अंतर से जीत दर्ज कर स्थायी समिति की कमान अपने हाथ में ले ली।
चुनाव में भाजपा नगरसेवकों की अनुपस्थिति सबसे ज्यादा चर्चा का विषय रही। भाजपा के चार सदस्य मतदान के समय सदन में मौजूद नहीं रहे, जिससे राकांपा (शरद) की राह आसान हो गई। भाजपा गटनेता संतोष शेट्टी ने कहा कि पार्टी ने किसी भी पक्ष का समर्थन नहीं करने का निर्णय लिया था। उन्होंने कहा, “हमें मतदान के लिए किसी ने संपर्क नहीं किया। इसलिए हमने तय किया कि न तो सेक्युलर फ्रंट को वोट देंगे और न ही शिवसेना (शिंदे गुट) को। इसी कारण हम मतदान के दौरान अनुपस्थित रहे।”

