अब्दुल गनी खान
अयोध्या: राम मंदिर के दान में कथित चोरी के मामले की जांच तेज हो गई है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने कोर्ट की अनुमति मिलने के बाद गिरफ्तार आरोपी अविनाश शुक्ला से करीब दो घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर करोड़ों रुपये की चोरी के तरीके का खुलासा किया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, अविनाश शुक्ला ने बताया कि दान की गिनती के दौरान एक व्यक्ति नकदी निकाल लेता था, जबकि अन्य साथी उसे CCTV कैमरों की नजर से बचाने के लिए घेर लेते थे। आरोप है कि निकाली गई रकम को पहले मंदिर परिसर के वॉशरूम में छिपाया जाता था और बाद में मौका मिलते ही उसे बाहर ले जाया जाता था।
सूत्रों का कहना है कि आरोपियों को मंदिर परिसर में लगे CCTV कैमरों की लोकेशन की पूरी जानकारी थी। इसी वजह से वे ऐसी जगहों का इस्तेमाल करते थे, जहां कैमरों की सीधी नजर नहीं पड़ती थी और लंबे समय तक किसी को शक नहीं हुआ।
पूछताछ के दौरान अविनाश शुक्ला ने कथित तौर पर यह भी दावा किया कि अनिल मिश्रा दान गिनने की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाते थे। आरोपी के मुताबिक, ट्रस्ट के अधिकारियों से करीबी संबंध होने के कारण आरोपियों की अधिक जांच-पड़ताल नहीं होती थी।
उल्लेखनीय है कि अनिल मिश्रा और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने पिछले सप्ताह अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था। SIT दोनों से पहले ही पूछताछ कर चुकी है।
हालांकि, अब तक किसी भी आधिकारिक एजेंसी ने अनिल मिश्रा या चंपत राय की इस कथित गड़बड़ी में संलिप्तता की पुष्टि नहीं की है। जांच एजेंसियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

