शहापुर तालुका के आसनगांव में वित्तीय समावेशन शिविर का आयोजन

ठाणे

अब्दुल गनी खान
ठाणे: भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग और भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के निर्देशानुसार, ठाणे जिले में प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर 1 जुलाई से 30 सितंबर 2025 तक एक विशेष वित्तीय साक्षरता अभियान चलाया जा रहा है।

इस अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों में वित्तीय जागरूकता पैदा करना है। इसमें खातों की पुनः केवाईसी, डिजिटल वित्तीय साक्षरता, ज़िम्मेदारी से उधार लेना, धोखाधड़ी से बचने के लिए जागरूकता के साथ-साथ प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी शामिल है।
ठाणे जिले के अग्रणी बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र द्वारा ठाणे जिले के शाहपुर तालुका के आसनगांव में 13 अगस्त 2025 को एक वित्तीय समावेशन (एफआई) शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में स्थानीय नागरिकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखी गई और कुल 150 से अधिक ग्राहकों ने शिविर में भाग लिया।
श्री संदीप कुमार, मुख्य महाप्रबंधक, (सीजीएम, भारतीय रिजर्व बैंक, मुंबई), श्री राजकिशोर रंजीत, उप महाप्रबंधक और मंडल प्रबंधक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, ठाणे मंडल, श्री राजेंद्र कनिशेट्टी, अग्रणी जिला अधिकारी, भारतीय रिजर्व बैंक, श्री अभिषेक पवार, अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम), ठाणे जिला, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, एफआई विभाग, मंडल कार्यालय, ठाणे और शाखा प्रबंधक, आसनगांव ग्राम पंचायत के सरपंच और उपसरपंच, ग्राम विस्तार अधिकारी आदि इस शिविर में उपस्थित थे।
कार्यक्रम का परिचय और उद्देश्य की व्याख्या श्री अभिषेक पवार, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक (एलडीएम) द्वारा की गई। उन्होंने बताया कि वित्तीय सेवा विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार और भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के निर्देशानुसार, ठाणे जिले की 426 ग्राम पंचायतों में 1 जुलाई से 30 सितंबर 2025 तक एक विशेष वित्तीय साक्षरता अभियान चलाया जा रहा है।
आरएसईटीआई ठाणे के निदेशक श्री आशीष लोहकरे ने वित्तीय साक्षरता और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं(पीएमजेजेबीवाई, पीएमएसबीवाई,एपीवाई) पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी।
बैंक ऑफ महाराष्ट्र के मंडल प्रबंधक और उपमहाप्रबंधक श्री राजकिशोर रंजीत ने डिजिटल वित्तीय साक्षरता और नामांकन के महत्व पर प्रकाश डाला।
श्री संदीप कुमार, मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम, भारतीय रिज़र्व बैंक, मुंबई) ने री-केवाईसी के महत्व, इस अभियान के उद्देश्य और बैंकिंग सेवाओं के ग्राहकों तक ‘घर बैठे’ पहुँचने के बारे में बताया। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं को संदेश दिया कि, “अपने बैंक खाते की देखभाल कैसे करें। जिस तरह हम घर पर अपने कुमकुम करंडे की देखभाल करते हैं, उसी तरह अपने बैंक खाते को भी सुरक्षित रखें।” साथ ही, उन्होंने समय पर री-केवाईसी पूरा करने और खाता खुला रखने की अपील की। सभी उपस्थित लोगों को यह संदेश अपने रिश्तेदारों और दोस्तों तक पहुँचाना चाहिए।इस शिविर में बैंक मित्र (बीसीए) भी मौजूद थे।


          शिविर की मुख्य विशेषताएँ
• री-केवाईसी फॉर्म प्राप्त: 46
• पीएमजेजेबीवाई पंजीकरण: 30
• पीएमएसबीवाई पंजीकरण: 47
• बचत खाता आवेदन (एओएफ) प्राप्त: 21
• नामांकन फॉर्म प्राप्त: 45
           जागरूकता गतिविधियाँ:
शिविर में, ग्राहकों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, री-केवाईसी के महत्व, डिजिटल धोखाधड़ी से बचने के लिए आवश्यक सावधानियों और नामांकन की आवश्यकता के बारे में बताया गया।
इस अवसर पर बैंक ऑफ महाराष्ट्र द्वारा एक निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया।साथ ही, आरएसईटीआई में प्रशिक्षण प्राप्त कर व्यवसाय कर रही महिलाओं ने अपने उत्पादों की एक प्रदर्शनी भी आयोजित की।
यह शिविर अत्यंत सफल रहा और वित्तीय समावेशन एवं सामाजिक सुरक्षा का संदेश बड़े पैमाने पर ग्राहकों तक सफलतापूर्वक पहुँचाया गया।यह शिविर जिला कलेक्टर डॉ. श्री कृष्ण पांचाल के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।

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