नई दिल्ली/मुंबई।
सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार और राज्य चुनाव आयोग को कड़े शब्दों में निर्देश दिए हैं कि राज्य की सभी नगर परिषद, नगर पालिका, महानगरपालिका और अन्य स्थानीय स्वशासन संस्थाओं के चुनाव हर हाल में 31 जनवरी 2026 तक पूरे किए जाएँ।
सुनवाई के दौरान क्या हुआ?
सुनवाई में महाराष्ट्र सरकार और राज्य चुनाव आयोग ने दलील दी कि:
चुनाव कराने के लिए पर्याप्त मनुष्यबळ (स्टाफ) उपलब्ध नहीं है।
बड़ी संख्या में कर्मचारी अन्य विभागीय सेवाओं में व्यस्त हैं।
इसी वजह से चुनाव टालने की मांग की गई।
सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी
अदालत ने साफ कहा कि –
चुनाव लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ हैं, इन्हें किसी भी हाल में टाला नहीं जा सकता।
सरकार और चुनाव आयोग को तुरंत आवश्यक स्टाफ उपलब्ध कराना होगा।
मार्च 2026 में बोर्ड परीक्षाएँ होने वाली हैं, इसलिए उससे पहले चुनाव निपटाना ज़रूरी है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश और दिशा-निर्देश
1. 31 जनवरी 2026 तक सभी स्थानीय निकाय चुनाव पूरे किए जाएँ।
2. नवंबर 2025 तक EVM मशीनें उपलब्ध कराई जाएँ।
यदि महाराष्ट्र में पर्याप्त मशीनें न हों, तो अन्य राज्यों से मशीनें मंगवाई जाएँ।
3. 31 अक्टूबर 2025 तक प्रभाग रचना (वार्ड डिलिमीटेशन) का कार्य पूरा किया जाए।
इस पर राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को आश्वासन दिया है।
👉 अब राज्य सरकार और चुनाव आयोग पर ज़िम्मेदारी है कि अदालत के आदेश का पालन कर तय समयसीमा में चुनाव सम्पन्न करें।

