भिवंडी के वडाल देवी तालाब को प्रदूषण मुक्त करने की मनपा जलापूर्ति विभाग ने शुरू की पहल

भिवंडी

तीन जगहों से तालाब में जा रहे ट्रेनेज का गंदा पानी रोका जाएगा,3 माह में पूरा होगा कार्य

तालाब की सुरक्षा व जलापूर्ति विभाग खर्च करेगा 25 लाख रुपया,लगाए जाएंगे बैरिकेटिंग

अब्दुल गनी खान

भिवंडी का वराला देवी तालाब में जा रहे ड्रेनेज के पानी को रोककर जलापूर्ति विभाग तालाब को प्रदूषण मुक्त करने की पहल शुरू कर दिया है।जिसके तहत जलापूर्ति विभाग और ड्रेनेज विभाग तीन जगहों पर गंदे पानी को रोककर ड्रेनेज योजना से जोड़ने का काम शुरू किया है।इतना ही तालाब में नहाने व गाड़ियों को धोने पर प्रतिबंध लगाने के लिए चारों तरफ बैरिकेटिंग लगाया जाएगा।ताकि तालाब को पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त किया जा सके।
                भिवंडी के कामतघर क्षेत्र में 130 एकड़ में वराला देवी तालाब स्थित है।जिससे प्रतिदिन 5 एमएलडी पानी रहिवासी क्षेत्रों में लोगों को पीने के लिए सप्लाई की जाती है। उक्त तालाब का पानी विगत कई वर्षों से दूषित होने से इसका पानी हरा हो गया है।इसके अलावा वराला देवी तालाब की बाउंड्री वाल टूट कर बिखर गई है। जिससे तालाब और पानी की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। तालाब के किनारे स्थित फेना पाड़ा, फेना गांव, भाग्यनगर, मानसरोवर, फुलेनगर आदि रहिवासी क्षेत्रों में घरों से नित्य निकलने वाला गंदा प्रदूषित पानी गटरों के माध्यम से तालाब के पानी में जा रहा है। तालाब की बाउंड्री वॉल टूट जाने से दिन भर क्षेत्रीय परिवारों के बच्चे तालाब के पानी में नहाते, कपड़ा और बर्तन सहित गाड़ियां धोते हुए देखे जाते हैं।जिसे लेकर मनपा प्रशासन के प्रति जनता में घोर नाराजगी व्याप्त है।

इधर मनपा जलापूर्ति विभाग के कार्यकारी अभियंता संदीप पटनावर ने बताया कि तालाब में बारिश का पानी जाने के लिए बने ड्रेनेज का गंदा पानी तीन जगहों से तालाब में जा रहा है। इस गंदा पानी की वजह से तालाब प्रदूषित हो रहा है।उन्होंने बताया कि तीन जगहों से तालाब में जाने वाला दूषित पानी को जलापूर्ति विभाग और ड्रेनेज विभाग द्वारा इस पानी को रोककर एक नई ड्रेनेजपरियोजना में जोड़ने के लिए काम शुरू कर रहे हैं।यह काम 25 लाख रुपये की लागत से हो रहा है।आने वाले दो महीनों में अक्टूबर से दिसंबर के अंत तक यह काम पूरा कर लिया जाएगा।संदीप पटनावर ने बताया कि उक्त काम होने से तालाब में बाहर से आने वाला गंदा पानी पूरी तरह रुक जाएगा और गंदे पानी की वजह से होने वाला प्रदूषण भी पूरी तरह थम जाएगा।उन्होंने बताया कि इसके अलावा जो घाट हैं, वहाँ भी लोग कचरा डाल रहे हैं और घाट से कचरा तालाब में जा रहा है। इसे भी रोकने के लिए हमने बैरिकेड्स और जो गाड़ी धोने (गाड़ी वॉशिंग) जैसे काम शुरू हैं, उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग की व्यवस्था की है। यह काम भी दीवाली के समय शुरू होने जा रहा है। इससे भी तालाब में जा रहे कचरे पर रोक लगेगी और प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी।उन्होंने बताया कि इन दोनों कामों को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए कई दिन पहले हुए बैठक में आयुक्त अनमोल सागर ने निर्देश दिए हैं। इसलिए हमने काम की गति भी बढ़ा दी है

    54 करोड़ से तालाब का सुशोभीकरण

केंद्र सरकार की राष्ट्रीय झील संरक्षण योजना के माध्यम से इस तालाब का पुनर्विकास करने का निर्णय लिया और 54 करोड़ रुपये की लागत से इस तालाब का सौंदर्यीकरण किया जाएगा।जलापूर्ति विभाग के कार्यकारी अभियंता संदीप पटनावर ने बताया कि इस निधि से तालाब के चारों ओर एक सुरक्षात्मक दीवार भी बनाई जाएगी और अंदर के कीचड़ को निकाला जाएगा। राज्य सरकार को एक प्रस्ताव भेजा था। इस प्रस्ताव को राज्य सरकार के पर्यावरण विभाग की संचालन समिति ने 4 अगस्त को मंजूरी दे दी थी।

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