मुंबई/नासिक। महाराष्ट्र के नासिक जिले से जुड़े कथित ‘भोंदू बाबा’ अशोक खरात प्रकरण की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए खुलासों से राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस मामले में सामने आ रहे आरोपों ने राजनीतिक गलियारों में भूचाल ला दिया है।
इसी क्रम में राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा रहीं रूपाली चाकणकर पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। जानकारी के अनुसार, उनका नाम अशोक खरात से जुड़ी संस्था ‘श्री शिवनिका संस्थान, मिरगांव’ से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसके बाद उनके पद और राजनीतिक भूमिका को लेकर विवाद गहराता जा रहा है।

विपक्ष की ओर से इस मामले में तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। सुषमा अंधारे और अंजलि दामनिया ने रूपाली चाकणकर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि इस पूरे प्रकरण में महिलाओं के कथित यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग जैसी गंभीर घटनाएं सामने आई हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
उन्होंने यह भी मांग की है कि यदि जांच में भूमिका सामने आती है, तो रूपाली चाकणकर को सह-अभियुक्त बनाया जाए और उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाए।
वहीं, राजनीतिक दबाव के बीच रूपाली चाकणकर की कुर्सी पहले ही जा चुकी है और अब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की महाराष्ट्र इकाई में उनके महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष पद पर भी संकट के बादल मंडराते नजर आ रहे हैं।
यह मामला अब केवल आपराधिक जांच तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी बड़ा मुद्दा बन चुका है, जिस पर पूरे राज्य की नजर बनी हुई है।
दूसरी ओर, पुलिस और संबंधित एजेंसियां मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

