अब्दुल गनी खान
भिवंडी : ठाणे जिले के भिवंडी में एक हद्दपार आरोपी की कथित दबंगई का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। अपंग व्यक्ति को जान से मारने की धमकी के आरोपों के बाद यह मामला सियासी और सामाजिक रंग ले चुका है, जिससे पुलिस प्रशासन पर त्वरित और कड़ी कार्रवाई का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
मामले की शुरुआत तब हुई जब पीड़ित मोहम्मद अली यहया अंसारी ने पुलिस आयुक्त, पुलिस उपायुक्त (परिमंडल-2) और सहायक पुलिस आयुक्त (पूर्व विभाग) को लिखित शिकायत देकर सलीम अब्दुल हफीज अंसारी उर्फ ‘सलीम छप्पन’ पर गंभीर आरोप लगाए। शिकायत में कहा गया है कि आरोपी हद्दपार होने के बावजूद इलाके में सक्रिय है और लगातार पीड़ित व उसके परिवार को धमका रहा है।

घटना ने नया मोड़ तब लिया जब सामाजिक कार्यकर्ता गुलाम इस्माइल और फैयाज सैय्यद भी खुलकर सामने आए। दोनों ने अधिवक्ता फैजान फारुक खान के माध्यम से पुलिस अधिकारियों को अलग से शिकायत सौंपते हुए आरोपी के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है। इससे मामले ने सामाजिक स्तर पर भी जोर पकड़ लिया है।
जानकारी के अनुसार, आरोपी के खिलाफ शांतीनगर पुलिस स्टेशन में पहले से ही मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं। इसके बावजूद उसका खुलेआम इलाके में घूमना स्थानीय लोगों में भय का कारण बना हुआ है।
पीड़ित का आरोप है कि 15 मार्च की रात करीब 3:30 बजे आरोपी उसके घर के बाहर पहुंचा और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए जान से मारने की धमकी दी। शारीरिक रूप से अक्षम होने के कारण वह विरोध करने में असमर्थ है, जिससे उसकी सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले 9 फरवरी 2026 को पुलिस उपायुक्त, परिमंडल-2, भिवंडी कार्यालय द्वारा आरोपी के खिलाफ महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम 1951 की धारा 56 (1) (अ) (ब) के तहत हद्दपार की कार्रवाई का प्रस्ताव रखा गया था। इस प्रस्ताव के तहत आरोपी को ठाणे, पालघर, मुंबई शहर, मुंबई उपनगर और रायगढ़ जिलों से दो वर्षों के लिए बाहर करने की सिफारिश की गई थी।
पुलिस रिकॉर्ड में आरोपी को सराईत अपराधी बताया गया है, जिसकी गतिविधियों से क्षेत्र में लंबे समय से दहशत का माहौल बना हुआ है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि आरोपी के खिलाफ कई शिकायतें होने के बावजूद उस पर प्रभावी कार्रवाई न होने से लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।

