अब्दुल गनी खान
भिवंडी : शहर की सांस्कृतिक पहचान माने जाने वाले छत्रपति शिवाजी महाराज अश्वारूढ़ प्रतिमा स्थल और स्व. मीनाताई ठाकरे रंगायतन के नवीनीकरण कार्य का सोमवार को जनप्रतिनिधियों ने निरीक्षण किया। वैभव भोईर के नेतृत्व में हुए दौरे के दौरान अधिकारियों और ठेकेदारों को काम तय समयसीमा में और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए।

बताया गया कि वर्षों से रखरखाव के अभाव में दोनों स्थान जर्जर हो चुके थे। स्व. मीनाताई ठाकरे रंगायतन वर्ष 2017 से बंद पड़ा है। इसके मरम्मत कार्य के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे द्वारा 15 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे। हालांकि फंड की कमी और अन्य कारणों से काम लंबे समय तक अटका रहा।
मनपा सूत्रों के अनुसार अब तक करीब 57 प्रतिशत निधि प्राप्त हो चुकी है, जबकि ठेकेदार को लगभग 20 प्रतिशत भुगतान भी किया जा चुका है। इसके बावजूद काम अधूरा है। इससे पहले मनपा आयुक्त अनमोल सागर ने भी स्थल का दौरा कर एक महीने के भीतर काम पूरा करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक परियोजना पूरी नहीं हो सकी है। ठेकेदार को तीन बार समय सीमा बढ़ाकर दी जा चुकी है।
दूसरी ओर, छत्रपति शिवाजी महाराज अश्वारूढ़ प्रतिमा स्थल पर भी नवीनीकरण कार्य जारी है। निरीक्षण के दौरान जनप्रतिनिधियों ने कहा कि काम में भले कुछ और समय लगे, लेकिन गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
पूर्व विधायक रूपेश म्हात्रे ने मनपा प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि इमारतें और स्मारक बनाए तो जाते हैं, लेकिन उनके रखरखाव की अनदेखी की जाती है, जिसके कारण शहर की महत्वपूर्ण धरोहरें जर्जर हो रही हैं। उन्होंने ठेकेदारों को चेतावनी देते हुए कहा कि यह अंतिम मौका है। तय समय में काम पूरा नहीं होने पर शिवसेना शहरवासियों के साथ सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी।
निरीक्षण के दौरान एडवोकेट मयुरेश पाटिल, नीलेश चौधरी, शफ मोमिन, रोमा आलशी, नेहा काठवले, पप्पू राका और संजय काबूकर सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
सभापति वैभव भोईर ने कहा कि फंड की कमी और अन्य तकनीकी कारणों से काम प्रभावित हुआ था, लेकिन अब दोनों परियोजनाओं में तेजी दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज प्रतिमा स्थल का काम काफी हद तक पूरा हो चुका है, जबकि रंगायतन के काम में और तेजी लाने की जरूरत है।

