टोरेंट पावर ने ज्यादा बिजली बिल लगाने के तमाम आरोपों का किया खंडन

ठाणे

कहा,टैरिफ निर्धारित करने का कंपनी के पास पावर नहीं, एमईसीडीसीएल द्वारा तय रेट का ही भेजते है बिल

6.20 लाख घरेलू उपभोक्ता में 55% को 100 यूनिट से कम व 52 फीसदी को 1000 से कम आता है बिल

भिवंडी और शील-मुंब्रा-कलवा क्षेत्र के विद्युत ग्राहकों को ज्यादा बिजली बिल भेजने के आरोपों का टोरेंट पावर कंपनी ने खंडन किया है।कंपनी का कहना है कि उनके पास ग्राहकों का टैरिफ निर्धारित कर उन्हें ज्यादा बिजली बिल भेजने का कोई पावर नहीं है।बल्कि उनकी कंपनी एमईसीडीसीएल द्वारा तय किए गए रेट के अनुसार ही बिजली बिल उपभोक्ताओं को भेजता है।ग्राहकों द्वारा बिजली के इस्तेमाल के अनुसार उनका बिल आता है।
            टोरेंट पावर कंपनी का कहना है कि वह भिवंडी व मुंब्रा ,कलवा क्षेत्र में एमईसीडीसीएल की फ्रेंचाइज़ी के रूप में कार्य करती है और बिजली टैरिफ निर्धारित करने का उसके पास कोई अधिकार नहीं है। भिवंडी और शील-मुंब्रा-कलवा के उपभोक्ताओं पर वही दरें लागू होती हैं, जो महाराष्ट्र के अन्य क्षेत्रों में जैसे पुणे, नागपुर, नासिक और ठाणे में ली जाती हैं। यह टैरिफ महाराष्ट्र विद्युत नियामक आयोग (MERC) द्वारा विनियमित और स्वीकृत होते हैं, जिसके कीमतों को मनमाने तरीके से बढ़ाने का उनके पास कोई भी पावर नहीं है।इसलिए कंपनी पर कुछ राजनीतिक समूहों द्वारा यह आरोप लगाया जाता है कि टोरेंट पावर उपभोक्ताओं पर अधिक बिलिंग दरें लागू करता है,यह पूरी तरह से गलत है।टोरेंट पावर कंपनी ने भिवंडी और शील-मुंब्रा-कलवा क्षेत्र में उपभोक्ताओं की बिलिंग से संबंधित आंकड़े साझा करते हुए बताया है कि उक्त जगहों पर कुल आवासीय उपभोक्ता 6 लाख 20 हजार है।जिसमे से लगभग 55 प्रतिशत उपभोक्ताओं को 100 यूनिट से कम का मासिक बिल आता है।जबकि 52 फीसदी उपभोक्ताओं को 1000 रुपये से कम का बिल प्राप्त होता है।वही लगभग 80 प्रतिशत उपभोक्ताओं को 2000 रुपये से कम का बिल प्राप्त होता है। उपरोक्त राशि में से 128 रुपये फिक्स्ड चार्ज भी जुड़ा होता है।आंकड़े दर्शाते हैं कि उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर बिजली बिल प्राप्त होते हैं, जिससे अत्यधिक चार्ज करने के आरोप गलत साबित होते हैं।टोरेंट पावर द्वारा प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर बढ़े हुए बिजली बिल और मनमाने टैरिफ वृद्धि के आरोप ठोस प्रमाणों पर खरे नहीं है। टोरेंट पावर एमईसीडीसीएल और एमईआरसी द्वारा स्थापित नियामक ढांचे के अंतर्गत कार्य करता है और सभी उपभोक्ताओं को महाराष्ट्र में लागू स्वीकृत टैरिफ के अनुसार बिल भेजा जाता है।कंपनी द्वारा साझा किए गए आंकड़े यह भी दर्शाते हैं कि उपभोक्ताओं को उचित बिलिंग की जाती है, जिससे बड़े पैमाने पर ओवर-बिलिंग के दावों का खंडन होता है। टोरेंट पावर के जिम्मेदार अधिकारियों ने कहा है कि उनके कंपनी खिलाफ लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं और उनकी बिलिंग संरचना राज्यव्यापी बिजली वितरण नीतियों के अनुरूप है।

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