भिवंडी शहर में बरसात में सड़क किनारे का फास्ट फूड बन रहा बीमारी का बड़ा कारण

भिवंडी

अब्दुल गनी खान भिवंडी
बरसात के मौसम में भिवंडी शहर की सड़कों, मोहल्लों, मुख्य बाजारों और चौक-चौराहों पर लगने वाले चायनीज़ और फास्ट फूड के ठेले अब गंभीर स्वास्थ्य संकट का कारण बनते जा रहे हैं। विशेष रूप से शाम के समय इन गाड़ियों पर बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं,

लेकिन वहां मिलने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता की स्थिति बेहद चिंताजनक है। शहर में जगह-जगह पर लगने वाले हाथगाड़ियों और ठेलों पर खुलेआम गंदगी और निकृष्ट सामग्री से खाद्य पदार्थ बनाए जाते हैं। मोमोज, चाउमीन, बर्गर, पिज़्ज़ा, पानीपुरी, चाट, फालूदा और कबाब जैसे खाद्य पदार्थ अक्सर अस्वच्छ माहौल में तैयार किए जाते हैं। अधिकांश दुकानदार स्वच्छता का ध्यान नहीं रखते, घटिया और बार-बार इस्तेमाल किया हुआ तेल प्रयोग करते हैं। मच्छर और मक्खियों की भरमार रहती है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि बच्चों और युवाओं में इन फास्ट फूड्स का आकर्षण और लत तेजी से बढ़ रही है, जिससे वे अनजाने में अपनी सेहत को खतरे में डाल रहे हैं।

                 डॉक्टरों की चेतावनी

शहर के फिज़िशियन एवं आपरेशन मुक्त भिवंडी (NGO) के अध्यक्ष डॉ. शफीक सिद्दीकी ने चेतावनी दी है कि चायनीज़ और फास्ट फूड में प्रयुक्त होने वाले रसायन और चटणियां शरीर के लिए बेहद हानिकारक हैं। इनसे पेट में संक्रमण, यकृत और गुर्दों की समस्या, पीलिया, बवासीर और मोटापा जैसी बीमारियां उत्पन्न हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि सड़क किनारे लगने वाले फास्ट फूड स्टॉल पर कड़ी निगरानी आवश्यक है और नागरिकों, खासकर युवाओं में इसके दुष्परिणामों को लेकर जागरूकता फैलाना जरूरी है। विशेषज्ञों का कहना है कि अन्न विभाग को नियमित छापेमारी कर स्वच्छता मानकों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। जुर्माना, लाइसेंस रद्द करने जैसी सख्त कार्यवाही से ही सुधार संभव है

   स्कूल-कॉलेजों के बाहर सबसे ज्यादा खतरा

अक्सर ये गाड़ियां स्कूल और कॉलेजों के बाहर लग जाती हैं, जिससे विद्यार्थियों का स्वास्थ्य खतरे में पड़ता है। चिकित्सकों और सामाजिक संगठनों का मानना है कि स्कूलों और महाविद्यालयों में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता पर जागरूकता अभियान चलाना चाहिए। बच्चों को घर का स्वच्छ और पौष्टिक भोजन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना आवश्यक है।शहरवासियों का कहना है कि यदि मनपा और अन्न विभाग ने इस मामले में तात्कालिक और ठोस कदम नहीं उठाए, तो सड़क किनारे बिकने वाले अस्वच्छ फास्ट फूड भिवंडी में बीमारियों का एक प्रमुख कारण बने रहेंगे।

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