अब्दुल गनी खान
भिवंडी-निज़ामपूर मनपा का प्रारूप विकास आराखड़ा अब सीधा राजनीतिक अखाड़ा बन चुका है। कल्याण रोड व्यापारी व रहिवासी संघर्ष समिति के आंदोलन ने उस वक्त बड़ा मोड़ लिया, जब सपा नेता और महाराष्ट्र अध्यक्ष अबू आसिम आज़मी ने राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से सीधी मुलाक़ात कर डैमेज कंट्रोल शुरू कर दिया।
दरअसल, आराखड़े में राजीव गांधी चौक से टेमघर मार्ग तक 20-20 फीट सड़क चौड़ीकरण का प्रस्ताव है, जिससे दर्जनों दुकानें, घर और धार्मिक स्थल खतरे में हैं। दो दिन पहले समिति ने पत्रकार परिषद कर इसे “उजाड़ने की साज़िश” करार दिया था और सभी दलों से मदद की गुहार लगाई थी।
आज़मी का मास्टरस्ट्रोक
बुधवार रात (4 सितम्बर) आज़मी ने कल्याण रोड के मंदिर-मस्जिद, दरगाह और कब्रिस्तान के ट्रस्टियों को अपने कोलाबा स्थित आवास पर बुलाकर लंबी चर्चा की। फिर उसी वक़्त उन्होंने उपमुख्यमंत्री से संपर्क साधा और अगले ही दिन शिंदे के ठाणे निवास पर बैठक तय कर दी।
गुरुवार सुबह (5 सितम्बर) आज़मी, संघर्ष समिति और नगरसेवकों का प्रतिनिधिमंडल लेकर शिंदे से मिले। बैठक में आज़मी ने साफ कहा
“जहां सरकार 1700 करोड़ खर्च कर नागरिकों को बेघर होने से बचा रही है, वहीं भिवंडी मनपा प्रशासक और कुछ नेता निजी फायदे के लिए विकास आराखड़े के नाम पर कल्याण रोड को उजाड़ने की साज़िश कर रहे हैं।”
शिंदे का त्वरित एक्शन

नागरिकों की चिंता सुनते ही उपमुख्यमंत्री ने तत्काल नगर विकास सचिव को फोन लगाया और आराखड़े में दुरुस्ती के निर्देश दिए। इसके बाद समिति और स्थानीय जिम्मेदारों ने शिंदे और आज़मी का आभार जताया।
“हर कीमत पर सुरक्षित रहेंगे नागरिक”- आज़मी

आज़मी ने भरोसा दिलाया कि मुद्दा मुख्यमंत्री तक भी पहुंचाया जाएगा और दुकानदारों, रहिवासियों व धार्मिक स्थलों को किसी भी कीमत पर सुरक्षित रखा जाएगा।
इस मौके पर संघर्ष समिति अध्यक्ष शादाब उस्मानी, महासचिव राम लाहारे, पूर्व नगरसेवक दिन मोहम्मद खान, मेहमूद मोमिन, सुधाकर आंचन, तस्लीम शेख, जब्बार शेख, राकेश पाल, युसूफ शोलापुरकर, नईम खान, समाधान मस्के, शरद राम शेजपाल, ऐनुल शेख, असलम शेख, अनिल मामा, हबीब अंसारी, ईदरीस बाबा, फरीद खान, अनीस शेख और रफीक अंसारी सहित कई ट्रस्टी मौजूद रहे।

