अब्दुल गनी खान
मुंबई, १२ सितम्बर: महाराष्ट्र ने अमेरिका के कृषिप्रधान राज्य आयोवा के साथ ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस करार से कृषि, जैव-प्रौद्योगिकी, वित्तीय सेवाएँ, पायाभूत संरचना, नवीकरणीय ऊर्जा और प्रौद्योगिकी जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर पैदा होंगे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इस साझेदारी से दोनों राज्यों के बीच नवाचार और आपसी आदान-प्रदान को नई दिशा मिलेगी।
सहयोग के प्रमुख क्षेत्र:
निवेश और आर्थिक आदान-प्रदान में वृद्धि
कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, स्वास्थ्य, पर्यटन, खेल और नवीकरणीय ऊर्जा में सहयोग
विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों के बीच शैक्षणिक और अनुसंधान संबंध
मुंबई के ताज पैलेस होटल में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और आयोवा की राज्यपाल किम रेनॉल्ड्स की उपस्थिति में यह समझौता हुआ। इस अवसर पर मुख्य सचिव राजेश कुमार, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव वेणुगोपाल रेड्डी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अश्विनी भिड़े, नानाजी कृषि संजीवनी परियोजना के निदेशक परिमल सिंह, मुख्यमंत्री के निवेश सलाहकार कौस्तुभ धवसे, तथा आयोवा के कृषि सचिव माइक नैग, विकास प्राधिकरण निदेशक डेबी डरहम सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
पत्रकार परिषद में मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा, “आयोवा उत्पादन और कृषि-तकनीक के क्षेत्र में अग्रणी है। उनके साथ यह समझौता महाराष्ट्र की कृषि, तकनीक और उद्योग के लिए एक बड़ा अवसर है। आयोवा विश्वविद्यालय और कृषि विश्वविद्यालयों के संयुक्त सहयोग से अत्याधुनिक तकनीक महाराष्ट्र तक लाई जाएगी। नवीकरणीय ऊर्जा में भारत ने जो प्रगति की है, इस करार से उसमें और तेजी आएगी।”

उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र ने इससे पहले जापान और जर्मनी के साथ ‘सिस्टर-स्टेट’ करार कर व्यापार, उद्योग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को गति दी है। किसी अमेरिकी राज्य के साथ यह पहला करार है और यह भारत–अमेरिका संबंधों को और मजबूत करेगा। आयोवा की राज्यपाल किम रेनॉल्ड्स ने दीर्घकालिक साझेदारी की इच्छा जताई है। इसके तहत हर साल आयोवा और महाराष्ट्र के प्रतिनिधिमंडल परस्पर यात्राएँ करेंगे और विभिन्न क्षेत्रों के ज्ञान का आदान-प्रदान कर विकास को गति देंगे।”
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि यह करार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘वैश्विक सहयोग और राज्यों की अंतरराष्ट्रीय भागीदारी’ की दृष्टि के अनुरूप है। इससे राज्य के किसानों, विद्यार्थियों, उद्यमियों और शोधकर्ताओं के लिए नए अवसर खुलेंगे और महाराष्ट्र की प्रगति को नई ऊर्जा मिलेगी।
दीर्घकालीन साझेदारी का आश्वासन – राज्यपाल किम रेनॉल्ड्स

आयोवा की राज्यपाल किम रेनॉल्ड्स ने कहा, “भारत के सबसे गतिशील राज्यों में से एक महाराष्ट्र के साथ भागीदारी करना हमारे लिए गर्व की बात है। यह समझौता नवाचार को बढ़ावा देने वाला, आर्थिक समृद्धि लाने वाला और वैश्विक सहयोग को प्रोत्साहित करने वाला रणनीतिक निर्णय है। दोनों राज्य औद्योगिक, शैक्षणिक और कृषि क्षेत्रों में नए प्रोजेक्ट शुरू करेंगे। प्रतिवर्ष दोनों राज्यों के प्रतिनिधिमंडल परस्पर यात्रा कर इस सहयोग को और गहरा करेंगे।
इस करार से होने वाले लाभ ।
कृषि तकनीक का उपयोग – आयोवा की आधुनिक कृषि तकनीक, मशीनरी और अनुसंधान महाराष्ट्र की उत्पादकता बढ़ाएँगे।
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग का विकास – किसानों की फसल की पैदावार को बेहतर मूल्य मिलेगा, निर्यात अवसर बढ़ेंगे।
डिजिटलीकरण और तकनीक में सहयोग – स्मार्ट गवर्नेंस, ई-सेवाओं और आधुनिक स्मार्ट खेती के नए उपाय लागू होंगे।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार – आयोवा की स्वास्थ्य प्रणाली और प्रशिक्षण से ग्रामीण व शहरी स्वास्थ्य सेवाएँ मजबूत होंगी।
कौशल विकास और रोजगार – व्यावसायिक प्रशिक्षण और औद्योगिक सहयोग से नई नौकरियों का सृजन होगा।
नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण – स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं से प्रदूषण घटेगा और सतत विकास को बढ़ावा मिलेगा।
पर्यटन और खेल विकास – सांस्कृतिक आदान-प्रदान, पर्यटन व्यवसाय और खेल प्रतिस्पर्धाओं को प्रोत्साहन मिलेगा।
आर्थिक निवेश और औद्योगिक वृद्धि – अमेरिका व भारत की कंपनियों के बीच प्रत्यक्ष निवेश और व्यापार में वृद्धि होगी।
शिक्षा और अनुसंधान सहयोग – विश्वविद्यालयों के संयुक्त प्रोजेक्ट छात्रों को वैश्विक अनुभव दिलाएँगे।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा – महाराष्ट्र की पहचान एक अग्रणी औद्योगिक और तकनीकी भागीदार के रूप में वैश्विक स्तर पर और मजबूत होगी।

