भिवंडी वोटर लिस्ट में बड़ा घोटाला उजागर,एक मतदाता कई सूचियों में, मुस्लिम मतदाता “हिन्दू” बना दिया गया

भिवंडी

भिवंडी पूर्व विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। शिकायत के अनुसार कई मतदाताओं के नाम एक से अधिक वोटर लिस्टों में दर्ज हैं, कई फर्जी नाम जोड़े गए हैं और पतों में हेरफेर की गई है। साथ ही कुछ मुस्लिम मतदाताओं को “हिन्दू” नामों से दर्ज करने के भी आरोप लगे हैं।

वार्ड क्रमांक 11 किदवई नगर तालाब के पूर्व नगर सेवक हसीब खान ने इस संबंध में तहसीलदार को लिखित शिकायत दी है। शिकायत में कहा गया है कि केवल 11 नंबर वार्ड की 10 मतदाता सूची में करीब 2,500 से अधिक फर्जी मतदाता जोड़े गए हैं। इन वोटों के पंजीकरण में मात्र दो मोबाइल नंबरों (8975__4468 और 983__40694) का उपयोग किया गया है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, अनगिनत मतदाताओं के पते  “–”, “00” या “NG” जैसे चिन्ह अंकित किए गए हैं। लगभग 1170 मतदाताओं का पता सिर्फ एक डैश (-) के रूप में दर्ज पाया गया है। हसीब खान ने सवाल उठाया है कि इस तरह की लापरवाही निर्वाचन आयोग और बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की जानकारी के बिना कैसे हो सकती है।

     कई मतदाताओं के नाम दोहराए गए

उन्होंने ने उदाहरण देते हुए बताया कि
अब्दुर्रहीम ज़काउल्लाह शेख का नाम वोटर लिस्ट नंबर 227 (सीरियल 1246) और लिस्ट नंबर 174 (सीरियल 974) दोनों में दर्ज है।

अब्दुस्समद अमीरुल्लाह शाह का नाम लिस्ट नंबर 73 में दो बार — सीरियल 807 और 812 पर पाया गया।

आफरीन बानो नियाज़ अंसारी का नाम दो अलग-अलग लिस्टों में, अलग-अलग उम्र और पते के साथ दर्ज है।

इसी तरह अफरोज़ अली हसन शेख और अक्सा बानो कमरुज्ज़मां अंसारी के नाम भी दोहरी प्रविष्टियों में पाए गए हैं।
इन उदाहरणों से संकेत मिलता है कि मतदाता सूची में जानबूझकर गड़बड़ी की गई है।

        धार्मिक पहचान में भी हेरफेर

उसी इलाके के एक मुस्लिम मतदाता को वोटर लिस्ट में “यादव विनय कुमार रमादीन” के नाम से दर्ज किया गया है।
यह प्रविष्टि बूथ नंबर 186, सीरियल नंबर 552, वोटर XVQ2592392 पर पाई गई। बाद में पता चला कि यह व्यक्ति वास्तव में मुईनुद्दीन मोहम्मद तकसीम अंसारी है। इस तरह की प्रविष्टि से मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं।

       राजनीतिक दबाव के आरोप

पूर्व नगर सेवक हसीब खान का आरोप है कि बीएलओ ने राजनीतिक दबाव में आकर फर्जी नाम जोड़े हैं।
उन्होंने कहा कि यदि कार्रवाई नहीं की गई तो वे यह मामला प्रांत अधिकारी, जिला कलेक्टर, कोंकण आयुक्त और राज्य निर्वाचन आयोग के पास ले जाएंगे। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि आवश्यक होने पर बॉम्बे हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की जाएगी।

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