भिवंडी मनपा चुनाव में भाजपा व शिवसेना (शिंदे) के बागी बिगड़ रहे महायुति का खेल

भिवंडी

दोनों दलों के डेढ़ दर्जन प्रत्याशियों का टिकट कटने के बाद मैदान में सीधा युति से टकराव

दोनों दलों के कई पूर्व नगरसेवकों की पत्नी,बेटे व कई पदाधिकारियों ने बढ़ाई पार्टियों की चिंता

विशेष संवाददाता

भिवंडी मनपा चुनाव में भाजपा व शिवसेना(शिंदे)के  कई बागी प्रत्याशी,निर्दलीय व अन्य पार्टियों के टिकट पर चुनाव मैदान ने उतरकर महायुति का खेल बिगाड़ रहे है।दोनों दलों के डेढ़ दर्जन से ज्यादा प्रत्याशी महायुति के प्रत्याशियों के लिए सिरदर्द बन गए है।आलम यह है कि दोनों दलों के कई प्रत्याशियों के बेटे, पत्नी एक दूसरे पार्टियों के पैनल के विरुद्ध अन्य पार्टियों व निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ रहे है।जिससे महायुति की चिंता बढ़ गई है।
             भिवंडी मनपा के 90 सीटों के लिए 439 उम्मीदवार चुनाव मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे है।जिसमें से भाजपा व शिवसेना(शिंदे) के डेढ़ दर्जन से ज्यादा प्रत्याशी टिकट कटने के कारण हिंदू बाहुल्य क्षेत्रों में महायुति को कड़ी टक्कर दे रहे है।सबसे हैरत की बात यह है कि भाजपा के कई पैनल के सामने शिवसेना (शिंदे )के प्रत्याशी के पुत्र व पत्नी चुनाव मैदान में है।वही भाजपा पैनल के सामने शिवसेना(शिंदे) के प्रत्याशी के टक्कर दे रहे है।प्रभाग क्रमांग 16 क में पूर्व भाजपा नगरसेविका कल्याणप पदमा भूमेश का टिकट पार्टी द्वारा काटे जाने के बाद वह इसी प्रभाग में सपा की टिकट पर चुनाव मैदान में है।जबकि प्रभाग 16 ब में भाजपा की महिला महासचिव डिंपल व्यास निर्दलीय चुनाव लड़ रही है।इसी तरह 17 क में भाजपा के पूर्व नगरसेवक मुरली मच्छा व वासम अरुण राजेंद्र निर्दलीय चुनाव लड़ रहे है। प्रभाग क्रमांक 22 में भाजपा द्वारा टिकट काटे जाने के कारण भाजपा के महासचिव राजू गाजेंगी की पत्नी लता गाजेंगी,भाजपा की पूर्व नगरसेविका दीपाली दिनेश पाटिल व भाजपा उत्तरभारतीय मोर्चे के पूर्व अध्यक्ष मनोज सिंह की बेटी स्नेहा सिंह निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरकर भाजपा व शिवसेना(शिंदे) महायुति का टेंशन बढ़ा दिया है।इसी तरह से प्रभाग क्रमांक 21 में शिवसेना (शिंदे) के पैनल के सामने भाजपा के प्रभाग क्रमांक 23 के उम्मीदवार निलेश चौधरी की पत्नी दक्षता चौधरी, टिकट न मिलने से भाजपा से नाराज श्याम भोईर व पूर्व नगरसेवक साईंनाथ पवार के पुत्र विराज पवार व सिद्धि पाटिल जयहिंद सेना की टिकट पर चुनाव मैदान में है।वही प्रभाग क्रमांक 23 में भाजपा के पैनल के सामने शिवसेना(शिंदे) के प्रभाग क्रमांक 22 के उम्मीदवार मनोज काटेकर के पुत्र तेजस काटेकर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पैनल बनाकर भाजपा को कड़ी टक्कर दे रहे है।बागियों का कहना है कि जिस प्रभाग से वे भाजपा व शिवसेना(शिंदे) से टिकट मांग रहे थे, टिकट नकारे जाने के बाद अब वे उसी प्रभाग से चुनाव मैदान में उतरे हुए है।टिकट कटवाने में अहम भूमिका निभाने वालों को हराना ही उनका मकसद है।जिनके सामने महायुति लाचार दिख रही है और चुनाव में इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।बता दे कि भिवंडी में हिंदू बाहुल्य क्षेत्रों के 30 सीट पर भाजपा, जबकि 20 सीट पर शिवसेना महायुति चुनाव मैदान में है।जिसमें से भाजपा के छह प्रत्याशी निर्विरोध चुने जा चुके है इसके बाद अब अन्य सीटों पर बागियों द्वारा टक्कर दिए जाने से न सिर्फ मुकाबला दिलचस्प हो गया है, बल्कि महायुति में आपसी खींचतान को लेकर खलबली मची हुई है।

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