भिवंडी में कांग्रेस,सपा व राकांपा(शरद )ने मिलकर बनाया सेक्युरल फ्रंट
तीनों दलों के पास पर्याप्त बहुमत,सेक्युरल महापौर बनाने का किया ऐलान
जोड़तोड़ की राजनीति शुरू,महायुति के मेयर बनाने के सपने पर फिरता पानी
विशेष संवाददाता
भिवंडी में महापौर चुनाव से पहले कांग्रेस,सपा व राकांपा(शरद) ने मिलकर सेक्युलर फ्रंट का निर्माण कर इसी फ्रंट द्वारा सेक्युलर विचारधारा वाला मेयर बनाने का ऐलान किया है।क्योंकि तीनों दलों ने मिलकर मेयर पद हेतु जरूरी बहुमत के आंकड़े को पार कर लिया है।जिससे यहां महायुति द्वारा महापौर बनाने के सपने पर फिलहाल पानी फिरता दिख रहा है।हालांकि इसके बाद उक्त तीनों दलों के कई नगरसेवक फिलहाल आउट ऑफ कबरेज है।सूत्र दावा कर रहे है कि सपा व कांग्रेस के कई नगरसेवक दूसरे दलों के संपर्क में है।

भिवंडी मनपा चुनाव में सपा प्रदेश अध्यक्ष अबू आसिम आजमी व सपा विधायक में खुली जंग देखने को मिली थी।लेकिन अब महापौर के चुनाव से पहले यहां स्थिति अलग देखने को मिल रही है।सपा प्रदेश अध्यक्ष अबू आसिम आजमी खुद सपा विधायक रईस शेख के सामने झुकते हुए सेक्युरल महापौर बनाने के लिए उन्हें खुली छूट दे दी है।जिसके बाद सपा ,कांग्रेस व राकांपा (शरद) ने मिलकर मनपा में सेक्युरल विचार धारा वाला महापौर बनाने के लिए पहली बार सेक्युरल फ्रंट की स्थापना की है।विधायक रईस शेख के नेतृत्व में कांग्रेस शहर अध्यक्ष व पूर्व विधायक एडवोकेट रशीद ताहिर मोमिन,राकांपा (शरद) अध्यक्ष शोहेब खान गुड्डू, समाजवादी पार्टी नेता अजय यादव सहित पार्टी के अन्य नेताओं ने इस फ्रंट का गठन कर एक वीडियो संदेश के माध्यम से “भिवंडी सेक्युलर फ्रंट” गठन का औपचारिक ऐलान किया है।जिसमें कहा गया है कि जनता ने मनपा चुनाव में ऐतिहासिक फ़ैसला लेते हुए सेक्युलर विचारधारा वाली पार्टियों के उम्मीदवारों को भारी समर्थन दिया है।इसलिए सेक्युलर सोच के तहत शहर के सर्वांगीण विकास के लिए सभी मिलकर काम करेगा। सेक्युलर फ्रंट की ओर से यह भी ऐलान किया गया कि भिवंडी का अगला महापौर इसी मंच से बनाया जाएगा। महापौर पद को लेकर निर्णय सभी सहयोगी दलों की आपसी सहमति से लिया जाएगा।
कांग्रेस अध्यक्ष रशीद ताहिर मोमिन ने कहा कि मनपा महापौर कांग्रेस पार्टी का होगा। उन्होंने कहा कि यदि महापौर मुस्लिम समुदाय से होगा तो उपमहापौर हिंदू समाज से होगा। कांग्रेस के 30,राकांपा (शरद) के 12 व सपा के 6 नगरसेवको सहित फ्रंट पास 48 नगरसेवक होते है जो बहुमत से दो ज्यादा है।इधर महायुति भी महापौर बनाने के लिए जोड़तोड़ में जुटी है।जिसके पास 32 नगरसेवक है।जिन्हें बहुमत का आंकड़ा छूने के लिए 14 नगरसेवक की और जरूरत है।जबकि कोणार्क विकास आघाड़ी के 4,विकास मंच के 3 को लेकर भी जोड़तोड़ शुरू है।सूत्र बताते है कि महायुति भी अपना महापौर बनाने के लिए गणित करने में जुटा है।इसी बीच फंट के कई नगरसेवकों के नॉट रिचीबल होने से फंट भी फिलहाल सकते में आ गया है।

