भिवंडी में आवारा स्वानो के शिकार 12 वर्षीय बच्चे 20 दिन बाद इलाज के दौरान मौत,लोगो में आक्रोश

भिवंडी महाराष्ट्र

सपा विधायक ने अस्पताल पर लगाया लापरवाही का आरोप,उपचार व्यवस्था पर उठे सवाल

विशेष संवाददाता

भिवंडी में आवारा स्वानों की समस्या दिन ब दिन बढ़ती जा रही है।स्थानीय ईदगाह इलाके में 12 साल के एक किशोर की आवारा स्वान के काट लिया था।जिसकी 20 दिनो बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद स्थानीय विधायक ने सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं और लापरवाही के आरोप लगाए हैं।


            जानकारी के अनुसार भिवंडी के ईदगाह इलाके में 10 जनवरी को आवारा स्वान ने 12 वर्षीय हमीद सद्दाम  खान पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था। परिवार उसे तुरंत इलाज के लिए  सरकारी आईजीएम उपजिला अस्पताल ले गए। वहां से उसे ठाणे सिविल अस्पताल भेजा गया और फिर वापस आईजीएम अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों ने बच्चे का इलाज किया और परिवार वाले उसे घर ले गए

           डॉक्टरों का क्या है कहना?

अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि बच्चे को एंटी-रेबीज के टीके और टिटनेस के इंजेक्शन लगाए गए थे। हालांकि, कुछ हफ्तों बाद अचानक किशोर की हालत बिगड़ने लगी। इसके बाद उसे मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 30 जनवरी को उसने दम तोड़ दिया। डॉक्टर अभी यह साफ नहीं कर पाए हैं कि मौत स्वान के काटने से हुई या इसकी कोई और वजह थी।

              क्या बोले विधायक?

इस मामले पर समाजवादी पार्टी के विधायक रईस शेख ने कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि भिवंडी में आवारा स्वानों का आतंक और उनसे होने वाली मौतें एक गंभीर समस्या बन गई हैं। विधायक ने आरोप लगाया कि इलाके के सरकारी अस्पतालों में दवाओं की कमी है और कर्मचारी काम में लापरवाही बरत रहे हैं। उन्होंने इस मुद्दे को विधानसभा में उठाने की बात कही है। इस घटना से स्थानीय लोगों में डर और गुस्से का माहौल है।

एक माह में 1062 लोग आवारा स्वानों ने बनाया निशाना ,एक वर्ष में 11037 लोग हुए शिकार

भिवंडी शहर में इन दिनों आवारा स्वानों ने आतंक मचा रखा है, जो सड़क पर पैदल चलने और वाहनों पर आने जाने वालों को दौड़कर पीछा करते हुए जोरदार हमला कर रहे हैं।जिसके कारण कई इलाकों में दो पहिया वाहन चालक डर कर दुर्घटनाग्रस्त हो जाते है।पिछले एक वर्ष में पूरे शहरभर में इन स्वानों ने  11037 लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर चुके है।जबकि सिर्फ जनवरी 2026 में अब तक 1062 लोग स्वान बाइट के शिकार हो चुके है।जबकि कई लोगों की इस वजह से जाने जा चुकी है।जिसे लेकर मनपा प्रशासन चुप्पी साधे हुए है।वही स्वानों को पड़ने वाले ठेकेदार के लोग सड़कों और गलियों में यदा कदा दिखाई पड़ते हैं। सही तरह से आवारा स्वानों की धर पकड़ कर नसबंदी यानी निर्बिजीकारण न करने से आवारा कुत्तों की संख्या में तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है, जो मानव की सुरक्षा के लिए चिंता का बेहद गंभीर विषय बन गया है।

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