अब्दुल गनी खान
नई दिल्ली: जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने देश में बढ़ती नफ़रत पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि भारत की आज़ादी की लड़ाई हिंदू-मुसलमानों ने कंधे से कंधा मिलाकर लड़ी थी और आज उसी तरह नफ़रत के खिलाफ भी मिलकर संघर्ष करने की जरूरत है। उन्होंने दो टूक कहा कि देश नफ़रत से नहीं, बल्कि प्यार, मोहब्बत और भाईचारे से चलता है।
मौलाना मदनी ने कहा कि भारत की असली ताकत उसकी गंगा-जमुनी तहज़ीब और आपसी सौहार्द में निहित है। “हम इस सोच पर पहाड़ की तरह डटे हुए हैं कि जब तक देश में भाईचारा, एकता और आपसी मोहब्बत ज़िंदा है, तब तक देश तरक़्क़ी करता रहेगा,” उन्होंने कहा।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर नफ़रत को समय रहते पराजित नहीं किया गया, तो यह देश के लिए गंभीर रूप से नुकसानदायक साबित हो सकती है। मौलाना मदनी ने नफ़रत की राजनीति पर निशाना साधते हुए कहा कि नफ़रत के सहारे सत्ता तो हासिल की जा सकती है, लेकिन देश को चलाना संभव नहीं है।
उन्होंने सभी समुदायों से आपसी सद्भाव, संवाद और एक-दूसरे के सम्मान की भावना को मजबूत करने की अपील की। उनका कहना था कि आज की सबसे बड़ी जरूरत यही है कि देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझे और नफ़रत के बजाय इंसानियत और मोहब्बत का रास्ता अपनाए।

