हर दिन बच्चों के किडनैपिंग की घट रही घटना,गायब होने वाले बच्चों में ज्यादातर लड़कियां
बढ़ती घटना से अभिभावकों में फैला भय,बच्चों की तलाश में असफल पुलिस बनी मूक दर्शक
विशेष संवाददाता
भिवंडी इन दिनों नाबालिग बच्चों के अपहरण का हॉटस्पॉट बन गया है।यहां हर दिन किसी न किसी इलाके से नाबालिग बच्चे लापता हो रहे है।पिछले 4 दिन में यहां से 6 नाबालिग बच्चे गायब हुए है।जिसमे ज्यादातर लड़कियों का समावेश है।पुलिस बच्चों के अपहरण का केस तो दर्ज करती है,लेकिन उनका पता लगाने में पूरी तरह असफल साबित हो रही है।पुलिस की मूकदर्शक की भूमिका को लेकर अभिभावकों में भय का माहौल व्याप्त है।हालांकि पुलिस का कहना है कि बच्चों के गायब होने की शिकायत के बाद उनके अपहरण का केस दर्ज किया जाता है।लेकिन ज्यादातर बच्चे किसी न किसी कारण से खुद घर से भाग रहे है।
पुलिस के अनुसार शांतीनगर पुलिस स्टेशन क्षेत्र में रहने वाली 38 वर्षीय गृहिणी ने पुलिस को बताया कि 27 जनवरी की शाम करीब 5.15 बजे शांतिनगर के फंडोले नगर से उसकी नाबालिग बेटी घर से क्लासेस जाने के लिए गई थी।जिसके अज्ञानता का फायद उठाकर किसी ने उसका अपहरण कर लिया है।इसी तरह भिवंडी शहर पुलिस स्टेशन क्षेत्र में रहने वाली 35 वर्षीय महिला ने दर्ज शिकायत में बताया है कि उसकी नाबालिग बच्ची को शादी करने का लालच देकर आरोपी दिनेश चंद्रभूषण रस्तोगी ने 23 जून 2023 से 20 नवंबर 2025 के बीच बहला-फुसलाकर लेकर फरार हो गया।जबकि कोनगांव पुलिस स्टेशन क्षेत्र में रहने वाली 42 वर्षीय महिला ने शिकायत में बताया कि 24 जनवरी को दोपहर करीब 1 बजे, पिंपलस गांव स्थित एक कंपनी से उसकी नाबालिग बेटी को अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया।पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया गया है।
नारपोली पुलिस स्टेशन की हद में रहने वाली 15 वर्षीय एक नाबालिग लड़की किसी काम से घर से बाहर गई थी,जब देर शाम तक वह घर नहीं लौटी तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की,परिजनों को आशंका है कि अज्ञात व्यक्ति ने बहला-फुसलाकर उसे अपने साथ ले गए है।पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज किया है।इसी पुलिस स्टेशन अंतर्गत पूर्णा गांव से 17 वर्षीय एक नाबालिग लड़की के लापता होने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि वह घर से बाहर निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, मानकोली गांव से भी 15 वर्षीय एक नाबालिग लड़की के अपहरण की सूचना मिली है। इस मामले में भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा लड़की को बहला-फुसलाकर ले जाने की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस उपायुक्त शशिकांत बोराटे ने बताया कि लड़कियों के लापता होने के पीछे प्रेम प्रसंग, सोशल मीडिया की अधिकता और माता-पिता की उपेक्षा प्रमुख कारण हैं। शहर में लड़कियों के लापता होने के मामले बहुत कम होते हैं और लड़कियों के गायब होने के पीछे प्रेम प्रसंग मुख्य कारण होता है। भिवंडी पुलिस उपायुक्त ने कहा कि माता-पिता को अपने बच्चों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उनके साथ प्यार से पेश आना और उन्हें समझना और अपने बच्चों के साथ संवाद करना महत्वपूर्ण है। ऐसी घटनाएं बच्चों द्वारा सोशल मीडिया मोबाइल के अत्यधिक इस्तेमाल के कारण हो रही हैं । यदि आप अपने बच्चों के व्यवहार में कोई बदलाव देखते हैं, तो उन्हें विश्वास में लेना और उनके साथ चर्चा करना महत्वपूर्ण है। माता-पिता को खुद पहल करनी चाहिए। उनका दोस्त बनना चाहिए और उनके जीवन पर गौर करना चाहिए ।

