सीआरसी फंड से बना निर्माण टूटा, अतिक्रमण जस का तस रहने पर उठे सवाल
सिटी न्यूज़ मुंबई/गनी खान
भिवंडी। शहर के व्यस्त बंजारपट्टी नाका इलाके में बुधवार देर रात मनपा प्रशासन की बुलडोजर कार्रवाई से सियासी और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई। उड़ान पुल के नीचे सीआरसी फंड से तैयार किए गए सौंदर्यीकरण ढांचे को रात करीब 1:15 बजे जेसीबी मशीन से तोड़ दिया गया। कार्रवाई मनपा आयुक्त, महापौर और उपमहापौर के आदेश पर की गई। मौके पर मुख्य शहर अभियंता जमील पटेल और अभियंता विनोद मते मौजूद थे।

बताया जा रहा है कि बहारे मदीना मस्जिद के सामने नमाज के समय बड़ी संख्या में वाहन खड़े होने से ट्रैफिक जाम की समस्या गंभीर हो रही थी। स्थानीय नागरिकों की मांग पर यहां पार्किंग सुविधा विकसित करने के उद्देश्य से सौंदर्यीकरण संरचना हटाई गई।
हालांकि कार्रवाई के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मस्जिद के मुख्य द्वार और आसपास सड़क किनारे लंबे समय से बने अवैध दुकान-गाले और अन्य अतिक्रमण अब भी जस के तस हैं। कई शिकायतों के बावजूद उन पर कार्रवाई नहीं की गई, जबकि सरकारी फंड से बने ढांचे को रातों-रात तोड़ दिया गया।
नागरिकों का कहना है कि यदि ट्रैफिक सुधार ही मकसद है तो पहले स्थायी अतिक्रमण हटाए जाने चाहिए थे। शहर में “सौंदर्यीकरण तोड़ा, अतिक्रमण छोड़ा” की चर्चा तेज है। मुख्य शहर अभियंता जमील पटेल ने कहा कि वरिष्ठ स्तर से मिले निर्देश के अनुसार कार्रवाई की गई है और यहां पार्किंग विकसित कर यातायात समस्या कम करने का प्रयास होगा।
आधी रात की इस कार्रवाई ने मनपा की प्राथमिकताओं और अतिक्रमण नीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब नजर इस बात पर है कि क्या प्रशासन अवैध कब्जों पर भी समान रूप से कार्रवाई करेगा।

