अब्दुल गनी खान
ठाणे, 27 मार्च: सोशल मीडिया पर पेट्रोल-डीजल की संभावित किल्लत को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच ठाणे जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिले में अब बोतल, कैन या किसी भी खुले बर्तन में पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।
जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल ने पेट्रोलियम नियम 2002 के तहत यह आदेश जारी करते हुए सभी पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वे केवल वाहनों की टंकी में ही ईंधन भरें। किसी भी स्थिति में ग्राहकों को प्लास्टिक की बोतल, डिब्बे या अन्य पात्रों में ईंधन देने की अनुमति नहीं होगी।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित पेट्रोल पंप मालिकों और जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें पेट्रोलियम नियम 2002, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत दंडात्मक और आपराधिक कार्रवाई शामिल होगी।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी पेट्रोल पंपों पर 24 घंटे सीसीटीवी व्यवस्था चालू रखना और ईंधन बिक्री का नियमित रिकॉर्ड रखना भी अनिवार्य कर दिया गया है। आदेश के पालन की जिम्मेदारी पंप मालिकों और प्रबंधकों की होगी।
इस अभियान में पुलिस विभाग की भी अहम भूमिका तय की गई है। ठाणे शहर, नवी मुंबई और मीरा-भाईंदर के पुलिस आयुक्तों के साथ-साथ ठाणे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
वहीं, हिंदुस्तान पेट्रोलियम, इंडियन ऑयल और भारत पेट्रोलियम कंपनियों को निर्देशित किया गया है कि जिले के सभी पंपों पर ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करें, ताकि अफवाहों पर रोक लगाई जा सके।
यह आदेश 27 मार्च 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा। प्रशासन ने आम जनता और संबंधित सभी पक्षों से इस फैसले का पालन करने की अपील की है।

