R,R संवाददाता | नागपुर
नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुख्यालय और स्मृति मंदिर को लेकर रेडियोएक्टिव हमले की धमकी मिलने से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। पुलिस आयुक्त को भेजे गए एक गुमनाम पत्र में ‘सीज़ियम-137’ जैसे खतरनाक रेडियोधर्मी पदार्थ के इस्तेमाल का दावा किया गया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस, एटीएस और आपदा प्रबंधन से जुड़ी टीमों ने तुरंत हरकत में आते हुए संदिग्ध स्थानों की जांच शुरू की। शुरुआती जांच में अब तक कोई संदिग्ध वस्तु या रेडिएशन के संकेत नहीं मिले हैं, लेकिन पूरे मामले को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
संवेदनशील स्थानों का जिक्र
गुमनाम पत्र में महाल स्थित संघ मुख्यालय और रेशीमबाग स्थित स्मृति मंदिर परिसर को निशाना बनाने का दावा किया गया है। ये दोनों ही स्थान संगठन के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। पत्र में ‘डीएसएस’ नाम के एक कथित संगठन का उल्लेख करते हुए आपत्तिजनक भाषा का भी प्रयोग किया गया है।
एजेंसियां अलर्ट, हर एंगल से जांच
सूचना मिलते ही बम निरोधक दस्ते, फॉरेंसिक टीम और विशेषज्ञों को मौके पर तैनात किया गया। साथ ही राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमों को भी सतर्क किया गया। अधिकारियों के अनुसार, यह स्पष्ट नहीं है कि यह महज शरारत है या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा, इसलिए किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
घटना के बाद दोनों परिसरों और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। आने-जाने वालों की सघन जांच की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस साइबर और तकनीकी माध्यमों से भी पत्र भेजने वाले की पहचान करने में जुटी है।
पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, संवेदनशील संस्थानों को पहले भी इस तरह की धमकियां मिलती रही हैं, लेकिन ‘रेडियोएक्टिव हमले’ जैसी चेतावनी ने इस मामले को असाधारण बना दिया है।
फिलहाल जांच एजेंसियां हर पहलू को ध्यान में रखते हुए पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन सतर्कता बरती जा रही है।

