अंबरनाथ जैसे जागरूक और गतिशील शहर में यह भवन न्याय, समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतिबिम्ब होगा-न्यायमूर्ति गिरीश कुलकर्णी

ठाणे

मुंबई उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति गिरीश कुलकर्णी ने चिखलोली-अंबरनाथ में सिविल जज जूनियर लेवल और न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी न्यायालय और नए न्यायालय भवन का उद्घाटन किया

ठाणे,(अब्दुल गनी खान)
मुंबई उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति गिरीश कुलकर्णी ने कहा कि अंबरनाथ जैसे जागरूक और गतिशील शहर में यह न्यायालय भवन न्याय, समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतिबिम्ब होगा।

चिखलोली-अंबरनाथ में सिविल जज जूनियर लेवल और न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी न्यायालय के साथ-साथ नए न्यायालय भवन का उद्घाटन मुंबई उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति गिरीश कुलकर्णी ने उपमुख्यमंत्री एवं ठाणे जिले के पालक मंत्री एकनाथ शिंदे की उपस्थिति में किया।

न्यायमूर्ति श्री. कुलकर्णी ने आगे कहा कि बढ़ती जनसंख्या के कारण अंबरनाथ जैसे स्थान पर इस न्यायालय के होने से न्याय प्रशासन का कार्य तेज़ी से होगा। चिखलोली-अंबरनाथ स्थित यह न्यायालय भवन आधुनिक है और यहाँ विभिन्न आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध हैं। इसके लिए मैं भवन निर्माण में शामिल सभी तंत्रों को धन्यवाद देता हूँ। इस आधुनिक भवन के माध्यम से “न्याय आपके द्वार” की अवधारणा को साकार करने में मदद मिलेगी। लोगों का न्याय व्यवस्था में गहरा विश्वास है। लोग अपनी समस्याएँ न्यायालय में लेकर आते हैं। न्यायालय में आने वाले नागरिकों का काम जल्द से जल्द होना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि मुझे उम्मीद है कि अंबरनाथ जैसे जागरूक और गतिशील शहर में यह भवन न्याय, समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतिबिंब होगा। इस उद्घाटन के अवसर पर, आइए हम न्यायालय को केवल कानून के कार्यान्वयन के लिए ही नहीं, बल्कि लोगों के विश्वास के योग्य एक जीवंत संस्थान के रूप में भी देखें।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि आज उद्घाटन किया गया इस न्यायालय का भवन बहुत सुंदर और विशाल है। अंबरनाथ की पहचान प्राचीन शिव मंदिर की तरह, न्याय का यह मंदिर भी एक पहचान बनेगा। इस न्याय के मंदिर में सत्य की हमेशा जीत होगी। राज्य में निष्पक्ष न्याय की परंपरा रही है। हम विभिन्न उद्घाटन करते हैं, लेकिन एक अदालत का उद्घाटन करना खुशी और संतुष्टि का विषय है।
उन्होंने आगे कहा कि हमारी सरकार लोगों को न्याय देने वाली सरकार है। पिछले ढाई वर्षों में 32 अदालतें स्थापित की गई हैं। सरकार न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। आम नागरिकों को अच्छे माहौल में न्याय मिलेगा। इसी तरह, सरकार न्यायिक व्यवस्था की सभी जरूरतों को पूरा करने के लिए काम करेगी ताकि नागरिकों को न्याय मिल सके।

इस अवसर पर बॉम्बे उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति श्रीराम मोडक, न्यायमूर्ति मंजूषा देशपांडे, न्यायमूर्ति अद्वैत सेठना, ठाणे के मुख्य जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीनिवास अग्रवाल, साथ ही महाराष्ट्र और गोवा बार काउंसिल के अध्यक्ष एडवोकेट विट्ठल कोंडे-देशमुख, वरिष्ठ वकील एडवोकेट गजानन चव्हाण, उल्हासनगर तालुका बार एडवोकेट्स फाउंडेशन के अध्यक्ष एडवोकेट संजय सोनवणे, विधायक बालाजी किणीकर, विधायक ज्ञानेश्वर म्हात्रे, जिला कलेक्टर डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल, पुलिस आयुक्त आशुतोष डुंबरे, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता सिद्धार्थ तांबे, कार्यकारी अभियंता सत्यनारायण कांबले, उल्हासनगर के उपविभागीय अधिकारी प्रशांत कुमार मानकर, लोक निर्माण विद्युत विभाग के कार्यकारी अभियंता मानसिंह शिंदे, तहसीलदार अमित पुरी, उप अभियंता हेमंत वाघमारे, अंबरनाथ नगर परिषद के मुख्य अधिकारी उमाकांत गायकवाड़, शाखा अभियंता प्रशांत घुगे, जिले के वकील, लॉ कॉलेजों के छात्र, तथा नागरिक उपस्थित थे।
इस कार्यक्रम के अवसर पर वरिष्ठ वकीलों का सम्मान किया गया और उल्हासनगर बार एसोसिएशन द्वारा प्रकाशित एक स्मारिका का विमोचन भी गणमान्यों द्वारा किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत गणमान्यों द्वारा संविधान की प्रस्तावना की पूजा के साथ हुई। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
कार्यक्रम का परिचय एडवोकेट द्वारा दिया गया। उल्हासनगर तालुका बार एडवोकेट्स फाउंडेशन के अध्यक्ष संजय सोनवणे ने धन्यवाद ज्ञापन किया, जबकि चिखलोली-अंबरनाथ की सिविल जज, जूनियर लेवल और प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट अर्चना जगताप ने धन्यवाद ज्ञापन किया और एडवोकेट वैशाली पाटिल और एडवोकेट नरेंद्र सोनी ने संचालन किया।

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