ठाणे, 2 अक्टूबर (अब्दुल गनी खान)
वर्षों से नौकरी की प्रतीक्षा कर रहे सैकड़ों जरूरतमंद परिवारों के लिए ठाणे जिल्हाधिकारी कार्यालय की पहल किसी वरदान से कम नहीं रही। अनुकंपा नियुक्ति प्रक्रिया को गति देने के बाद इन परिवारों के जीवन में उम्मीद और खुशियों की नई किरण जागी है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार के नेतृत्व में 150 दिवसीय कार्यक्रम में अनुकंपा नियुक्तियों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया था। इस दिशा में प्रशासन के प्रयासों से अनेक लंबित मामलों का निपटारा हुआ और जरूरतमंद परिवारों को न केवल रोजगार मिला बल्कि आर्थिक व भावनात्मक सहारा भी प्राप्त हुआ।
4 अक्टूबर को होगा नियुक्ति पत्र वितरण
राज्यस्तरीय मुख्य समारोह 4 अक्टूबर को मुंबई में सुबह 11 बजे आयोजित होगा, जिसमें मुख्यमंत्री नियुक्ति पत्र वितरित करेंगे। इसी दिन ठाणे जिले में भी जिला नियोजन भवन सभागृह में स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि संघर्षरत परिवारों की वर्षों की प्रतीक्षा का अंत और भविष्य की नई शुरुआत माना जा रहा है।
ठाणे जिले में सफल कार्यवाही
1 और 18 सितंबर को आयोजित मेले में 59 उम्मीदवारों में से 57 को समूह “क” संवर्ग में नौकरी के लिए शिफारस की गई। इनमें 2013 से लंबित कई पुराने प्रकरण भी शामिल थे। इसके अतिरिक्त, समूह “ड” संवर्ग में 67 उम्मीदवारों को भी नियुक्ति देने की प्रक्रिया पूरी की गई।
समुपदेशन मेळावा से मिला मार्गदर्शन
जिल्हाधिकारी कार्यालय ने अनुकंपाधारक उम्मीदवारों को उपलब्ध पद, शैक्षणिक योग्यता, वेतनमान, पदोन्नति अवसर और काम के स्वरूप की जानकारी देकर उचित मार्गदर्शन किया। इससे उम्मीदवारों को सही विकल्प चुनने में मदद मिली।
विशेष पहल से बढ़ी अवसरों की संख्या
पहले केवल पुलिस विभाग में ही अनुकंपा नियुक्ति होती थी, जिससे शारीरिक योग्यता या रिक्त पद न होने पर कई मामले अटके रहते थे। निवासी उपजिल्हाधिकारी डॉ. संदीप माने के प्रयासों से अब जीएसटी विभाग समेत अन्य शासकीय कार्यालयों के पद भी ठाणे जिले को उपलब्ध कराए गए। इससे प्रतीक्षा सूची के अधिक उम्मीदवारों को रोजगार का अवसर मिला।
क्षअधिकारियों की मेहनत रंग लाई
जिल्हाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाळ, अपर जिल्हाधिकारी हरिश्चंद्र पाटील, निवासी उपजिल्हाधिकारी डॉ. संदीप माने, तहसीलदार रेवण लेंभे और आस्थापना विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने पिछले कई दिनों तक विशेष मेहनत कर यह प्रक्रिया पूर्ण की।
यह नियुक्ति आदेश केवल एक सरकारी दस्तावेज नहीं, बल्कि उन परिवारों के लिए जीवन की नई शुरुआत है जिन्होंने अपने घर के कर्ता को खोया था। शासन और प्रशासन ने यह सिद्ध कर दिया है कि विकास के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक की देखभाल करना भी उनकी प्राथमिकता है।

