अब्दुल गनी खान
मुंबई/पुणे। चर्चित अशोक खरात मामले में पहली बार रूपाली चाकणकर ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने पूरे घटनाक्रम पर सफाई देते हुए कहा कि उनका और उनके परिवार का अशोक खरात से केवल आध्यात्मिक संबंध था और उन्हें उनके कथित कुकर्मों की कोई जानकारी नहीं थी।
रूपाली चाकणकर ने अपने बयान में कहा कि उनका परिवार अशोक खरात को आध्यात्मिक गुरु मानता था। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और फोटो को उन्होंने पुराना बताया, जिसमें वह और उनके पति गुरु के पैर धोते नजर आ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सब धार्मिक आस्था के तहत किया गया था और इसका कोई अन्य अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, “मेरा उनसे सिर्फ आध्यात्मिक रिश्ता था, इसके अलावा कोई संबंध नहीं था। महिलाओं के साथ उनके कुकर्मों की मुझे जरा सी भी जानकारी नहीं थी। जब यह मामला सामने आया, तो मैं खुद सदमे में आ गई।”
चाकणकर ने आरोप लगाया कि उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। उनके मुताबिक, कई बड़े और प्रभावशाली लोग भी अशोक खरात के संपर्क में थे, लेकिन केवल महिला होने के कारण उन्हें “सॉफ्ट टारगेट” बनाकर बदनाम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “मेरी चरित्र हत्या की जा रही है। मैं इसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करूंगी।”
इस बीच, उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा देने की भी बात कही, ताकि मामले की जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो सके।
रूपाली चाकणकर का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब यह मामला राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तेजी से तूल पकड़ रहा है। अब सभी की नजर जांच एजेंसियों की कार्रवाई और आगे के घटनाक्रम पर टिकी हुई है।

