अब्दुल गनी खान
भिवंडी के सलाऊद्दीन अय्यूबी मेमोरियल उर्दू हाई स्कूल और कॉलेज में फीस न भरने पर एक छात्र के साथ अमानवीय व्यवहार किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद स्कूल की हेड मास्टर और एक शिक्षक के खिलाफ शांतिनगर पुलिस ने अल्पवयीन न्याय (बच्चों की देखभाल एवं संरक्षण) अधिनियम की धारा 75 (बच्चे के साथ क्रूरता) और 87 (बच्चे के अधिकारों का उल्लंघन) के तहत मामला दर्ज किया है।
यह कार्रवाई स्थानीय निवासी फैज फरीद खान की शिकायत पर की गई। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, फैज खान का 14 वर्षीय पुत्र फहाद फैज खान स्कूल की 10वीं कक्षा (अंग्रेजी माध्यम) में पढ़ता है। 3 अक्टूबर 2025 से स्कूल में प्रथम सत्र की परीक्षा शुरू हुई थी। आरोप है कि फीस बकाया होने के कारण फहाद को परीक्षा के दौरान अन्य छात्रों से अलग जमीन पर बैठाकर पेपर देने को मजबूर किया गया।
फैज खान के अनुसार, “मेरा बेटा घर आकर रोने लगा और स्कूल जाने से इंकार कर दिया। उसने बताया कि बाकी बच्चों के सामने उसे अपमानित किया गया और सहपाठी उसका मजाक उड़ा रहे थे।”
अगले दिन फैज खान अपनी बेटी मोमिना के साथ स्कूल पहुंचे, जहां उन्होंने देखा कि फहाद तीसरी मंजिल पर जमीन पर बैठकर पेपर लिख रहा था, जबकि बाकी छात्र डेस्क-कुर्सियों पर बैठे थे। जब उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद शिक्षक अहमद उल्ला से इस अमानवीय व्यवहार पर सवाल किया, तो शिक्षक ने कहा कि “कुछ फीस बाकी है, इसलिए ऐसा किया गया है।”
इस घटना के बाद फैज खान ने शिक्षा सुधार समिति के अध्यक्ष डाॅ. कामरेड विजय कांबले से संपर्क किया। डॉ. कांबले ने पीड़ित परिवार के साथ शांतिनगर पुलिस स्टेशन पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अधिकारियों ने पहले बच्चे की परीक्षा बाधित न करने की सलाह दी, लेकिन परीक्षा समाप्त होने के बाद फैज खान ने पुनः रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने स्कूल की हेड मास्टर खान अतिया बद्दूजमा और शिक्षक अहमद उल्ला के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। शांतिनगर पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और बच्चों के अधिकारों के हनन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

