अब्दुल गनी खान
भिवंडी: महाराष्ट्र राज्य अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष तथा सदस्य (सचिव दर्जा) ॲड. धर्मपाल मेश्राम ने आज दिनांक 28 अक्तूबर 2025 को भिवंडी-निजामपुर महानगरपालिका के नियोजित दौरे के दौरान विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक ली।
बैठक में उपाध्यक्ष मेश्राम ने महानगरपालिका के कुल वार्षिक बजट की सविस्तर जानकारी ली तथा यह भी जाना कि बंधनकारक खर्चों को घटाने के बाद शेष राजस्व राशि में से 5 प्रतिशत राशि अनुसूचित जाति तथा दुर्बल घटक वर्गों के कल्याण के लिए कितनी आरक्षित की गई है।

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने बताया कि शहर के 137 निजी अस्पतालों के लाइसेंसों का नवीनीकरण किया गया है। इनमें से कितने अस्पतालों में दुर्बल घटक वर्गों के लिए आरक्षित खाट (बेड) उपलब्ध हैं, इसका विस्तृत अहवाल एक महीने के भीतर अनुसूचित जाति आयोग को प्रस्तुत करने के निर्देश मुख्य चिकित्सा अधिकारी श्री संदीप गाडेकर को दिए गए।
महिला एवं बाल कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगों और दुर्बल वर्गों के लिए चलाई जा रही योजनाओं की भी समीक्षा की गई। उपाध्यक्ष मेश्राम ने आस्थापना विभाग प्रमुख को निर्देश दिए कि महानगरपालिका के सभी कर्मचारियों, विशेष रूप से सफाई कर्मचारियों की सेवा पुस्तिकाएं (सर्विस बुक) तत्काल अद्यतन की जाएं और संबंधित सूची 15 दिनों के भीतर आयोग को सौंपी जाए।
बैठक के समारोप पर ॲड. धर्मपाल मेश्राम ने कहा कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य था ।
भिवंडी शहर के अनुसूचित जाति और दुर्बल घटक वर्गों को शासन की योजनाओं का पूर्ण लाभ दिलाना तथा उन्हें न्याय प्रदान करना। उन्होंने कहा कि समाज के वंचित घटकों को विकास की मुख्यधारा में लाना और उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना ही हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है।
बैठक के अंत में भिवंडी महानगरपालिका के आयुक्त तथा प्रशासक श्री अनमोल सागर (भा.प्र.से.) ने उपाध्यक्ष महोदय का आभार व्यक्त करते हुए बैठक का समापन घोषित किया। इस अवसर पर सभी विभाग प्रमुख और संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

