भिवंडी 23 नवंबर 2025, रविवार, नमाज़-ए-ईशा के बाद सुन्नी जामा मस्जिद कोटरगेट के स्टडी सेंटर में नूरी महफ़िल के तहत एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें हज़ूर हाफ़िज़-ए-मिल्लत अलैहिर्रहमा का पुरअदब उर्स-ए-पाक मनाया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता क़ाज़ी-ए-शहर भिवंडी हज़रत अल्लामा मुफ़्ती मुबश्शिर रज़ा अज़हर मिस्बाही साहब क़िब्ला ने फ़रमाई। नात और मन्क़बत की रूहानी महफ़िल के बाद भिवंडी के महान ख़तीब हज़रत अल्लामा मौलाना सज्जाद बरकाती नज्मी साहब ने हज़ूर हाफ़िज़-ए-मिल्लत की मुबारक सीरत और उनकी दीन व इल्मी ख़िदमतों पर बेहद असरदार और व्यापक बयान फ़रमाया।
उन्होंने अपने ख़िताब में कहा कि मौजूदा फ़ितनों के दौर में जिस तरह दुश्मनान-ए-इस्लाम दीन व सुन्नत पर हमला कर रहे हैं, उससे साफ़ ज़ाहिर होता है कि वे मुसलमानों को दीन-ओ-शरीअत से दूर कर देना चाहते हैं और उनके दिलों से ख़ुदा-ए-वहदहू-ला-शरीक की हीबत और रसूल-ए-काइनात ﷺ की मोहब्बत को मिटाना चाहते हैं।

इसीलिए मैं तमाम लोगों से गुज़ारिश करता हूँ कि आप अपने वक़्त को ज़ाया किए बिना मेहनत व लगन से इल्म हासिल करें, ताकि हर मुख़ालिफ़ का जवाब दे सकें। यही मिशन हज़ूर हाफ़िज़-ए-मिल्लत रहमतुल्लाह अलैह का था।
बयान को श्रोताओं ने पूरी तवज्जोह और अकीदत के साथ सुना।
बयान के बाद सलात-ओ-सलाम पढ़ा गया, फिर क़ुल शरीफ़ और विशेष दुआ के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।
अंत में लंगर-ए-हाफ़िज़-ए-मिल्लत वितरित किया गया।
🔹 इस रूहानी महफ़िल में शामिल जलील-उल-क़दर उलमा-ए-किराम:
मुफ़्ती मुबश्शिर रज़ा अज़हर मिस्बाही, मौलाना शमशाद नूरी, मौलाना रफ़ीक आलम, मौलाना फ़हीमुद्दीन, मौलाना गुलज़ार चिश्ती, मौलाना शहनवाज़ हुसैन, मौलाना अली हुसैन, मौलाना मुतिउर्रहमान, मौलाना सईद अनवर, मौलाना राहत हुसैन, मौलाना मुअज़्ज़म रज़ा, मौलाना मोहम्मद सर, क़ारी मोहम्मद रज़ा तथा अन्य उलमा-ए-किराम और नात-ख़्वां हज़रत।
🔹 प्रबंध समिति एवं सम्मानित सदस्य:
नसीम रज़ा, एजाज़ शेख़, हाजी मुअज़्ज़मिल, अब्दुस्समद अंसारी और अन्य सम्मानित व्यक्ति भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहे।
अल्लाह तआला इस रौशन महफ़िल को अपनी बारगाह में कबूल फरमाए और हज़ूर हाफ़िज़-ए-मिल्लत अलैहिर्रहमा की फ़यूज़-ओ-बरकात से हम सबको हिस्सा अताफ़रमाए।
आमीन सुम्मा आमीन 🌹

