पूर्व महापौर, उनके पुत्र व ठेकदार सहित 5 लोगों पर आचार संहिता उल्लंघन का केस दर्ज
विशेष संवाददाता
भिवंडी मनपा प्रशासन ने पूर्व महापौर पर पहला केस दर्ज करवाकर आचार संहिता उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की शुरूआत कर दी है।मनपा के पूर्व महापौर उनके पुत्र व ठेकेदारो सहित पांच लोगों पर आचार संहिता उल्लंघन का केस दर्ज कराया गया है।आरोप है कि उक्त पांचों लोगों ने आपस में मिलकर बिना किसी इजाजत मतदाताओं को रिझाने के लिए सड़क निर्माण का कार्य शुरू किया ।ताकि मतदाताओं का मत हासिल कर सके।

पुलिस के अनुसार भिवंडी मनपा के बीट निरीक्षक हनुमान म्हात्रे ने निजामपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत में बताया है कि मनपा प्रभाग समिति 5 के सहायक आयुक्त सईद चिवने को सूचना मिली थी कि महाडा कालोनी इलाके में आचार संहिता उल्लंघन कर सड़क निर्माण किया जा रहा है।जिसके बाद सहायक आयुक्त तत्काल मौके वारदात पर पहुंच कर उचित कार्रवाई का उन्हें आदेश दिया।जिसके बाद जब वह चुनाव भरारी पथक व पुलिस के साथ गफूर रोड पर पहुंचे तो वहां पर दो आइवा डंपर द्वारा सड़क निर्माण हेतु पत्थर डालने का कार्य किया जा रहा था।शिकायत के अनुसार वाहन चालकों से पूछताछ करने पर पता चला कि सड़क निर्माण का कार्य पूर्व महापौर विलास पाटिल व उनके पुत्र मयूरेश पाटिल के आदेश पर बनाया जा रहा था।छानबीन करने पर पाया गया कि इस कार्य को करने के लिए चुनाव आयोग से किसी प्रकार की इजाजत नहीं ली गई थी।सिर्फ चुनाव के दौरान सड़क निर्माण कराए जाने का दावा कर मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित करने हेतु वोट के बदले सुविधा देने का लालच दिया गया ।जो आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन है।जिसके बाद हनुमान म्हात्रे की शिकायत पर निजामपुर पुलिस ने पूर्व महापौर विलास पाटिल,उनके पुत्र मयूरेश पाटिल,इरफान हबीब अंसारी जहीरूद्दीन अंसारी,अब्दुल रज्जाक बेग सहित पांच लोगों पर महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम,लोक प्रनिधित्व अधिनियम व बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।इस मामले के प्रकाश में आने के बाद चुनाव को लेकर चुनाव सख्ती शहर में चर्चा व दहशत का कारण बन गया है।पुलिस मामले की जांच शुरू कर दी है।शहर के मतदाताओं ने प्रशासन से मांग है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई कर चुनाव की निष्पक्षता बनाए रखे।

