सुरक्षा इंतजामों की भारी लापरवाही, ठेकेदार और सुपरवाइजर सहित दो पर केस दर्ज
विशेष संवाददाता
भिवंडी के कोनगांव इलाके में एक निर्माणाधीन इमारत में लिफ्ट के खुले गड्ढे में गिरने से काम कर रहे 19 वर्षीय मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने ठेकेदार व सुपरवाइजर सहित दो लोगों पर सुरक्षा में लापरवाही कारण हादसे का केस कोनगांव पुलिस ने दर्ज किया है।इस घटना ने एक बार फिर निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर कर दिया है।
पुलिस के अनुसार झारखंड का निवासी सिकंदर जियालाल यादव (19) भिवंडी के कोनगांव इलाके में निर्माणाधीन बिल्डिंग मजदूरी करत था। 6 जनवरी की दोपहर करीब 2:30 बजे कोनगांव पुलिस चौकी के पास निर्माणाधीन एंटलाटीक टावर की निर्माणाधीन इमारत की चौथी मंजिल पर बेगारी का काम कर रहा था। इस दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे लिफ्ट के खुले गड्ढे में गिर पड़ा।जिससे उसके सिर, हाथ, कमर और पैरों में गंभीर चोटें आईं। अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।मृतक के पिता जयलाल सनिलाल यादव (43) की शिकायत पर कोनगांव पुलिस ने कुणाल अमरीशभाई बारनिया और रमेश शंकर पवार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 106(1) के तहत गैरइरादतन हत्या का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि निर्माण स्थल पर किसी भी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। न तो सेफ्टी बेल्ट उपलब्ध कराई गई थी और न ही लिफ्ट गड्ढे के आसपास बैरिकेड या चेतावनी संकेत लगाए गए थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि निर्माण स्थल के ठेकेदार और सुपरवाइजर ने मजदूरों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए थे।जिसके कारण हादसे में मजदूर की जान चली गई। लापरवाही के चलते हुई इस मौत को गंभीर अपराध मानते हुए पुलिस घटनास्थल का पंचनामा कर निर्माण कंपनी से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इससे पहले भी साइट पर सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किया गया था या नहीं। इस दर्दनाक हादसे के बाद इलाके में काम कर रहे मजदूरों और सामाजिक संगठनों में रोष है। लोगों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।

