अब्दुल गनी खान
ठाणे: नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ‘छत्रपति शिवाजी महाराज सुशासन अभियान’ के तहत शनिवार को विशेष राजस्व और भूमि अभिलेख शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर के माध्यम से राजस्व और भूमि अभिलेख विभाग की विभिन्न सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया, जिसे नागरिकों से अच्छा प्रतिसाद मिला।

कार्यक्रम का उद्घाटन विधायक संजय केळकर के हाथों किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे की संकल्पना से महाराष्ट्र तेजी से प्रगति की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्व और भूमि अभिलेख विभाग अब पूरी तरह जनहित केंद्रित हो गया है, जिससे नागरिकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने बताया कि महाभूमी पोर्टल जैसी ऑनलाइन सुविधाओं के कारण प्रशासनिक प्रक्रियाएं काफी सरल और तेज हो गई हैं।
शिविर के दौरान नागरिकों को जमीन माप, नक्शों की उपलब्धता, लंबित फेरफार मामलों, सातबारा उतारे और ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। कई नागरिकों ने अपनी लंबित समस्याओं से संबंधित आवेदन भी मौके पर ही जमा किए, जिन पर उपस्थित अधिकारियों ने तकनीकी मार्गदर्शन देकर उनकी शंकाओं का समाधान किया।
इस मौके पर उपविभागीय अधिकारी उर्मिला गलांडे, जिला अधीक्षक (भूमि अभिलेख) नितीन पाटील, तहसीलदार उमेश पाटील, नगर भूमापन अधिकारी सिद्धेश्वर घुले, उप अधीक्षक (भूमि अभिलेख) सचिन वाघ और नायब तहसीलदार दिनेश पैठणकर समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज के सुशासन के आदर्श से प्रेरणा लेकर प्रशासन आम नागरिकों को तेज और पारदर्शी सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। शिविर में विभिन्न गांवों से आए सैकड़ों नागरिकों ने भाग लेकर इसका लाभ उठाया। लाभार्थियों ने कहा कि ऐसे उपक्रमों से सरकार और जनता के बीच संवाद मजबूत होता है और प्रशासन की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी बनती है।

