विशेष संवाददाता
भिवंडी तालुका के मराडे पाड़ा में नवनिर्मित छत्रपति शिवाजी महाराज के एकमात्र शक्तिपीठ मंदिर को पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर ग्रामीण तीर्थ स्थल योजना के तहत ग्रामीण तीर्थ स्थल के रूप में ‘बी’ श्रेणी का पर्यटन दर्जा दिया गया है।जिसे लेकर शिव प्रेमियों में खुशी का माहौल है।

मंदिर को ‘बी’ श्रेणी का दर्जा देने का प्रस्ताव सरकार को प्रस्तुत किया गया था। इस प्रस्ताव की जांच प्रधान सचिव (ग्रामीण विकास) की अध्यक्षता में 28 फरवरी, 2026 को हुई राज्य मानदंड समिति की बैठक में की गई। चूंकि यह प्रस्ताव संबंधित सरकारी निर्णय में निर्धारित मानदंडों के पूर्ण अनुपालन में प्रस्तुत किया गया था, इसलिए उक्त तीर्थ स्थल को ‘बी’ श्रेणी का दर्जा देने का मामला सरकार के विचाराधीन था। अतः, महाराष्ट्र के राज्यपाल के आदेशानुसार छत्रपति मंदिर को ‘बी’ श्रेणी का पर्यटन दर्जा दिया गया है।मंदिर के संस्थापक ट्रस्टी राजू भाऊ चौधरी ने राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को ‘बी’ श्रेणी का दर्जा देने के प्रस्ताव को मंजूरी देने के लिए धन्यवाद दिया है। छत्रपति शिवाजी महाराज मंदिर का उद्घाटन समारोह पिछले वर्ष मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा किया गया था और इस दौरान 500 से अधिक स्कूली छात्र यहां दर्शन करने आए थे। हाल ही में 5 और 6 मार्च को शिव जयंती के अवसर पर मंदिर का स्थापना दिवस पर धार्मिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजित किया गया था। इस अवसर पर छत्रपति के वंशज छत्रपति शिवेंद्रराजे भोसले उपस्थित थे और उन्होंने कहा था कि वे मंदिर को ‘बी’ श्रेणी का पर्यटन दर्जा दिलाने का प्रयास करेंगे। अब मंदिर को सरकार से ‘बी’ श्रेणी का पर्यटन दर्जा प्राप्त हो गया है। राजू भाऊ चौधरी ने इस उपलब्धि के लिए प्रयास करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया है।

