सस्ते घर देने का लालच देकर निवेशकों से बड़ी रकम ली,वर्षों बाद भी नहीं दिया फ्लैट
भिवंडी में एक बिल्डर कंपनी के तीन संचालकों के खिलाफ 4 करोड़ 12 लाख 9 हजार 590 रुपये की धोखाधड़ी का केस पुलिस ने दर्ज किया है।आरोप है कि बिल्डरों ने सस्ते घर देने के नाम पर्व12 निवेशकों से उक्त रकम ली,लेकिन 13 वर्ष बीत जाने के बावजूद बिल्डरों ने न घर दिया और न ही पैसा लौटाए
नारपोली पुलिस के अनुसार घाटकोपर निवासी माणिक शिवाजी म्हेत्रे (41) ने दिए शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वाधवा बिल्डकॉन एलएलपी के संचालक अंकित सुरेश वाधवा (36), आशिष सुरेश वाधवा (34) और सुरेश वाधवा ने मिलकर रेलवे स्टेशन के पास ‘वाधवा रोडिशिया’ और ‘वाधवा फ्लोरेंस’ नामक परियोजनाएं शुरू की थीं। इन परियोजनाओं में निवेशकों को आकर्षक योजनाओं के जरिए घर देने का वादा किया गया था।शिकायतकर्ता माणिक म्हेत्रे ने बताया है कि बिल्डरों ने उनसे 26 लाख 57 हजार 400 रुपये लिए गए, जबकि अन्य 12 निवेशकों से मिलाकर कुल 4.12 करोड़ रुपये की राशि ली।उन्होंने बताया कि शिकायत के मुताबिक वर्ष 2013 से अब तक परियोजना अधूरी पड़ी है और निवेशकों को फ्लैट नहीं दिए गए।जिसके बाद उन्होंने नारपोली पुलिस स्टेशन में तीनों बिल्डरों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 406, 420, 34 तथा महाराष्ट्र ठेवीदारों के हित संरक्षण अधिनियम 1999 की धारा 3 के तहत मामला दर्ज कराया है।मामले की जांच सहायक पुलिस निरीक्षक विद्या पाटील कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

