अब्दुल गनी खान
भिवंडी,खरीफ सीजन से पहले किसानों को आधुनिक और जलवायु अनुकूल खेती की तकनीकों से जोड़ने के लिए अप्रैल माह में भिवंडी तालुका में चार विशेष डिजिटल कृषि विद्यालयों का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन कृषि विभाग और पानी फाउंडेशन के संयुक्त सहयोग से किया जा रहा है। इसकी जानकारी तालुका कृषि अधिकारी डी.सी. शिंदे ने दी।
उन्होंने बताया कि मौसम की अनिश्चितता, कम वर्षा और प्राकृतिक आपदाओं के कारण पारंपरिक शुष्क भूमि खेती गंभीर संकट का सामना कर रही है। इससे उत्पादन लागत बढ़ने और किसानों की आय प्रभावित होने की समस्या सामने आ रही है। इन्हीं चुनौतियों से निपटने के लिए कृषि विभाग ने नानाजी देशमुख कृषि संजीवनी परियोजना के अंतर्गत ‘जलवायु अनुकूल प्रौद्योगिकी अभियान’ शुरू किया है।

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य खेती की लागत को कम करना और विपरीत परिस्थितियों में भी किसानों की आय को सुरक्षित रखना है। इसके लिए कृषि विभाग के साथ कृषि विश्वविद्यालय, कृषि विज्ञान केंद्र, यूएमईडी, एमएवीआईएम तथा पशुपालन विभाग समेत कई संस्थाएं सहयोग कर रही हैं।
अभियान के तहत आयोजित होने वाले इन विशेष डिजिटल कृषि विद्यालयों में कृषि विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञ, कृषि विभाग के अधिकारी और प्रगतिशील किसान अपने अनुभव और तकनीकी जानकारी साझा करेंगे। इसके माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों, जलवायु परिवर्तन के अनुरूप तकनीकों और बेहतर उत्पादन के उपायों की जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध कराई जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार, इस पहल से क्षेत्र के किसानों को खरीफ सीजन की तैयारी में मदद मिलेगी और बदलते मौसम के बीच टिकाऊ खेती को बढ़ावा मिलेगा।

