अब्दुल गनी खान
भिवंडी,महानगरपालिका के जनरल बोर्ड में अवैध निर्माण का मुद्दा जोरदार ढंग से उठने और अधिकारियों की ओर से कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। पांच दिन बीत जाने के बाद भी पोगांव क्षेत्र में अवैध निर्माण कार्य धड़ल्ले से जारी है, जिससे मनपा प्रशासन की कार्यशैली और नीयत दोनों कटघरे में आ गई हैं।

मामला पोगांव क्षेत्र की खाली पड़ी जमीन पर अवैध प्लॉटिंग कर गाला और दुकानों के निर्माण से जुड़ा है। इस गंभीर मुद्दे को भाजपा के वरिष्ठ नगरसेवक संतोष एम. शेट्टी ने हाल ही में आयोजित जनरल सभा में जोरदार तरीके से उठाया था। उस समय मनपा के उपायुक्त (अतिक्रमण) बिक्रम दराड़े ने सदन में तीन दिन के भीतर अवैध निर्माण ध्वस्त करने का आश्वासन दिया था।
लेकिन हैरानी की बात यह है कि आश्वासन के पांच दिन बाद भी मौके पर मनपा की कोई टीम नहीं पहुंची और निर्माण कार्य बदस्तूर जारी है। इससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है और प्रशासन की निष्क्रियता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, पोगांव क्षेत्र प्रभाग समिति क्रमांक-1 के अंतर्गत आता है। यहां अवैध निर्माण पर नजर रखने और रोकथाम के लिए आयुक्त अनमोल सागर के निर्देश पर तीन बीट निरीक्षक — रमाकांत म्हात्रे, रवि जाधव और नितीन जामेकर — की नियुक्ति की गई है। इसके बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।
उपायुक्त बिक्रम दराड़े का कहना है कि संबंधित सहायक आयुक्त को कार्रवाई के निर्देश दे दिए गए हैं और जल्द ही तोड़फोड़ अभियान शुरू किया जाएगा। हालांकि, सूत्रों की मानें तो यह अवैध निर्माण एक स्थानीय नेता के संरक्षण में हो रहा है, जिसके चलते कार्रवाई जानबूझकर टाली जा रही है।
गौरतलब है कि मनपा पहले से ही पिछले एक वर्ष में तैयार हुए 291 अवैध निर्माणों के दबाव से जूझ रही है। ऐसे में नए मामलों में भी ढिलाई प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर रही है।

