भिवंडी में अवैध स्कूलों की संख्या बढ़ी, 18 से बढ़कर 21 पहुंची

भिवंडी

मनपा ने जारी की सूची, अभिभावकों से एडमिशन न कराने की अपील;

कार्रवाई नहीं हुई तो धरना की चेतावनी


भिवंडी महानगरपालिका क्षेत्र में बिना अनुमति संचालित हो रहे अनधिकृत स्कूलों की संख्या में इस वर्ष बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले वर्ष जहां ऐसे स्कूलों की संख्या 18 थी, वहीं इस बार यह बढ़कर 21 हो गई है। मनपा शिक्षण विभाग ने सोमवार को इन अवैध विद्यालयों की सूची जारी करते हुए अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों का दाखिला इन स्कूलों में न कराएं।

मनपा प्रशासन की इस कार्रवाई से शहर में सक्रिय शिक्षा माफिया और अवैध स्कूल संचालकों में हड़कंप मच गया है। शिक्षण विभाग के प्रशासनाधिकारी द्वारा 7 अप्रैल को जारी सूची में 21 अनधिकृत विद्यालयों का उल्लेख किया गया है। इनमें सबसे अधिक 15 इंग्लिश मीडियम, 5 उर्दू माध्यम और 1 मराठी माध्यम का विद्यालय शामिल है।

शिक्षण विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन स्कूलों को अनधिकृत घोषित किया गया है, उनमें प्रवेश लेना बच्चों के भविष्य के लिए जोखिमपूर्ण हो सकता है। विभाग ने ऐसे सभी स्कूलों को तत्काल बंद करने का निर्देश दिया है। साथ ही संचालकों को चेतावनी दी गई है कि शिक्षा विभाग के नियमों के अनुरूप ही विद्यालयों का संचालन करें। यदि इसके बाद भी कोई स्कूल अवैध रूप से चालू पाया गया, तो उस पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और हर दिन 10 हजार रुपये अतिरिक्त दंड वसूला जाएगा।

केवल सूची नहीं, कार्रवाई भी हो: पीआरपी

पिछले एक वर्ष से अवैध स्कूलों के खिलाफ आंदोलन चला रहे पीपल्स रिपब्लिकन पार्टी (अल्पसंख्यक विभाग) के अध्यक्ष अब्दुल गनी खान ने मनपा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पिछले वर्ष 18 अवैध स्कूलों की सूची जारी की गई थी, लेकिन एक साल में केवल 3 स्कूल ही बंद हो सके।

उन्होंने आरोप लगाया कि बंद किए गए कुछ विद्यालय फिर से शुरू हो गए हैं, जबकि इस बीच 3 नए अवैध स्कूल भी बढ़ गए हैं। इससे मनपा शिक्षण विभाग की कार्रवाई पर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं।

अब्दुल गनी खान ने मांग की है कि केवल सूची जारी करने के बजाय स्कूल संचालकों, प्राचार्यों और प्रबंधन के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई भी की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो मनपा मुख्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

उनका कहना है कि गैरकानूनी स्कूल संचालक गरीब अभिभावकों से प्रवेश शुल्क के नाम पर मनमानी रकम वसूल रहे हैं, जो सीधे तौर पर शिक्षा के नाम पर ठगी है।

  सूची में शामिल प्रमुख अवैध विद्यालय

मनपा द्वारा जारी सूची में रॉयल इंग्लिश स्कूल (पटेल कंपाउंड), नोबेल इंग्लिश स्कूल (अवचितपाड़ा), अलरजा उर्दू प्राथमिक स्कूल (गैबी नगर), एकता इंग्लिश पब्लिक स्कूल (फातमानगर), डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम इंग्लिश प्राइमरी स्कूल (रावजीनगर), तहजीब इंग्लिश प्राइमरी स्कूल (जैतनपुरा), इकरा इस्लामिक मकतब स्कूल (नदी नाका), कैसर बेगम इंग्लिश स्कूल (नागांव), गीतांजली माध्यमिक स्कूल (गायत्रीनगर), विद्या निकेतन इंग्लिश विद्यालय (भंडारी कंपाउंड) और सरस्वती इंग्लिश विद्यालय (नवी बस्ती) समेत कुल 21 स्कूल शामिल हैं।

शहर में अवैध स्कूलों की बढ़ती संख्या ने अभिभावकों और शिक्षा जगत में चिंता बढ़ा दी है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मनपा सूची जारी करने के बाद वास्तविक कार्रवाई कब करती है।

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