अब्दुल गनी खान
भिवंडी: शहर में सड़क किनारे लगने वाली चाइनीज और फास्ट फूड दुकानों की स्वच्छता व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि कई दुकानों पर बर्तनों और कड़ाही को गंदे पानी से बार-बार धोया जा रहा है, जिससे लोगों की सेहत पर गंभीर खतरा मंडरा सकता है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई स्टॉल और दुकानों पर एक ही बाल्टी में लंबे समय तक गंदा पानी रखा जाता है और उसी पानी से कड़ाही व अन्य बर्तनों को बार-बार साफ किया जाता है। इतना ही नहीं, यदि बर्तन पर चिकनाई या गंदगी रह जाती है तो उसे जल्दबाजी में कपड़े या झाड़ू जैसे अस्वच्छ तरीके से साफ करने के आरोप भी लगाए गए हैं।

नागरिकों का कहना है कि यदि दुकानदार एक अतिरिक्त बाल्टी में साफ पानी रखें और बर्तन धोने के बाद उन्हें एक बार साफ पानी से भी धो दें, तो स्वच्छता बेहतर हो सकती है और इसमें अधिक समय भी नहीं लगेगा।
इस मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चा तेज हो गई है। लोगों का कहना है कि यदि किसी ने इस तरह की लापरवाही का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया या खाद्य विभाग ने अचानक निरीक्षण किया, तो कई दुकानदारों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
शहर में बढ़ते पेट संक्रमण, फूड पॉइजनिंग और बच्चों के बार-बार बीमार पड़ने की घटनाओं को लेकर भी लोगों ने चिंता जताई है। कई अभिभावकों का कहना है कि युवा और बच्चे घर के खाने के बजाय पिज्जा, बर्गर, नूडल्स, शावरमा और अन्य फास्ट फूड की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं।
हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि शहर के स्ट्रीट फूड स्टॉल और चाइनीज दुकानों की नियमित जांच कर स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाए, ताकि लोगों की सेहत से खिलवाड़ न हो।

