अब्दुल गनी खान | भिवंडी
भिवंडी मनपा ने जीआईएस (जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम) सर्वे के आधार पर संपत्ति धारकों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। पिछले पांच महीनों में किए गए सर्वे के बाद करीब 800 संपत्ति धारकों को टैक्स निर्धारण संबंधी नोटिस जारी किए गए हैं।
मनपा प्रशासन के अनुसार शहर में डुप्लिकेट एंट्री, विवादित संपत्तियां, ध्वस्त इमारतें और अस्तित्व में न होने वाली संपत्तियों पर भी टैक्स लगाए जाने के मामले सामने आए हैं। इसके बाद विशेष जांच अभियान शुरू किया गया है।
जीआईएस प्रणाली के जरिए हर संपत्ति का डिजिटल सर्वे किया जा रहा है, जिसमें गलत माप, रिकॉर्ड में त्रुटि और गैर-मौजूद संपत्तियों की पहचान की जा रही है।
कर मूल्यांकन विभाग के उपायुक्त बालकृष्ण क्षीरसागर ने कहा कि 25 मार्च से नियमित सुनवाई शुरू हो चुकी है। जिन संपत्ति धारकों को नोटिस मिला है, वे समय पर विभाग में अपना पक्ष रखें, अन्यथा एकतरफा कर निर्धारण किया जा सकता है।
मनपा के सामने टैक्स वसूली बड़ी चुनौती बनी हुई है। शहर की 67,501 संपत्तियों पर कुल 393 करोड़ रुपये का बकाया टैक्स है।
जांच में यह भी सामने आया है कि कई मामलों में बिल्डर पूरी इमारत का टैक्स भरते हैं, लेकिन बाद में फ्लैट मालिक अलग से अपने नाम पर टैक्स निर्धारण करवा लेते हैं, जिससे रिकॉर्ड में गड़बड़ी पैदा हो जाती है।

GIS सर्वे से खुली टैक्स रिकॉर्ड की पोल
भिवंडी मनपा अब डिजिटल सर्वे के जरिए संपत्तियों का सही रिकॉर्ड तैयार कर बकाया टैक्स वसूली तेज करने की तैयारी में है।

