भिवंडी में OBC प्रमाणपत्र फर्जीवाड़े का मामला गरमाया, शिकायत मनोज जरांगे तक पहुंची
उप महापौर समेत कई उम्मीदवारों पर फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर चुनाव लड़ने का आरोप, सियासी हलकों में बढ़ी हलचल

भिवंडी महानगरपालिका चुनाव 2026-27 में कथित OBC फर्जी प्रमाणपत्र का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। यह विवाद अब OBC नेतृत्व तक पहुंचने से शहर की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, इस मामले की शिकायत प्रमुख OBC नेता मनोज जरांगे तक पहुंचाई गई है, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
पूर्व नगरसेवक हाजी इस्माइल रंगरेज उर्फ मिर्ची ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि चुनाव के दौरान कई उम्मीदवारों ने कथित रूप से फर्जी OBC प्रमाणपत्र के आधार पर चुनाव लड़ा। आरोपों में भिवंडी के उप महापौर तारिक बारी मोमिन का नाम भी शामिल बताया जा रहा है। उनका कहना है कि यह मामला आरक्षण व्यवस्था के साथ सीधा धोखा है और वास्तविक हकदारों के अधिकारों का हनन किया गया है।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि यदि फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर चुनाव लड़ने की बात सही पाई जाती है, तो यह न केवल कानूनी उल्लंघन है, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। सूत्रों के अनुसार, इस संबंध में दस्तावेज और शिकायतें एकत्र कर संबंधित नेतृत्व व जांच एजेंसियों तक पहुंचाई गई हैं।
मामले ने अब राजनीतिक रंग लेना शुरू कर दिया है। शहर के सियासी हलकों में इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हैं और विपक्षी गुट भी इसे बड़ा चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी में जुट गए हैं। यदि आरोपों की पुष्टि होती है, तो संबंधित उम्मीदवारों पर कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ उनकी सदस्यता पर भी खतरा मंडरा सकता है।
फिलहाल पूरे मामले की जांच की मांग जोर पकड़ रही है। आने वाले दिनों में यह विवाद भिवंडी की राजनीति में बड़ा मोड़ ला सकता है।

