ठाणे जिले में 27 स्कूल अवैध, भिवंडी तालुका में 8 अनधिकृत स्कूल,

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ठाणे जिले में 27 स्कूल अवैध, शिक्षा विभाग की चेतावनी—प्रवेश से पहले मान्यता जरूर जांचें
भिवंडी तालुका में 8 अनधिकृत स्कूल, अभिभावकों से फर्जी विज्ञापनों से बचने की अपील

अब्दुल गनी खान
ठाणे जिले में शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बड़ा खुलासा सामने आया है। जिला परिषद के कार्यक्षेत्र में कुल 27 निजी स्कूल अनधिकृत रूप से संचालित पाए गए हैं। ये स्कूल राज्य शिक्षा मंडल के साथ-साथ सीबीएसई, आईसीएसई और आईबी बोर्ड के नाम का उपयोग कर अभिभावकों को गुमराह कर रहे हैं। जिला परिषद के शिक्षा विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों का प्रवेश कराने से पहले संबंधित स्कूल की सरकारी मान्यता की पूरी जांच-पड़ताल जरूर कर लें।

शिक्षा विभाग के अनुसार, बालकों के मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 (RTE) के तहत बिना अनुमति स्कूल चलाना दंडनीय अपराध है। ऐसे स्कूलों के खिलाफ जुर्माना और आपराधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी अभिभावक ने अपने बच्चे का प्रवेश किसी अनधिकृत स्कूल में कराया और भविष्य में बच्चे की पढ़ाई का नुकसान हुआ, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित अभिभावक की ही मानी जाएगी।

      कल्याण तालुका में सबसे ज्यादा 10 स्कूल

कल्याण तालुका में 10 अवैध स्कूल चिन्हित किए गए हैं। इनमें जी.के. इंग्लिश हाईस्कूल, चैतन्य टेक्नो स्कूल, कमांडर प्रकाश इंटरनेशनल स्कूल एंड जूनियर कॉलेज, ए.पी.एच. स्कूल और ओमकार इंग्लिश स्कूल जैसे नाम शामिल हैं।

         भिवंडी तालुका में 8 स्कूल अवैध

भिवंडी तालुका में 8 अनधिकृत स्कूल पाए गए हैं। इनमें मिन्हाज नेशनल इंग्लिश स्कूल, गोरसई, नेशन नेशनल इंग्लिश स्कूल, काल्हेर, नेशनल इंग्लिश स्कूल, दापोडे, श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल, सोनाले, सुग्रा बीबी स्कूल, तलवली और द विनर्स इंग्लिश स्कूल, कांबे शामिल हैं।

     शाहपुर में 5 और अंबरनाथ में 4 स्कूल

शाहपुर तालुका में 5 स्कूल, जबकि अंबरनाथ तालुका में 4 स्कूल अनधिकृत पाए गए हैं। शिक्षा विभाग ने इन संस्थानों पर कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।

      ‘चमकदार विज्ञापनों के झांसे में न आएं’


जिला परिषद के प्राथमिक शिक्षा अधिकारी बालासाहेब राक्षे ने कहा कि आकर्षक विज्ञापनों और बड़े-बड़े बोर्ड के झांसे में आकर अभिभावक बच्चों का भविष्य खतरे में न डालें। उन्होंने कहा कि केवल मान्यता प्राप्त स्कूलों में ही प्रवेश दिलाएं और किसी भी स्कूल की वैधता की पुष्टि शिक्षा विभाग से करें।
शिक्षा विभाग ने साफ कहा है कि जिले में फर्जी और अवैध स्कूलों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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