अब्दुल गनी खान
भिवंडी। भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर भिवंडी में एक वैचारिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान बाबासाहेब के विचारों, संविधान की मूल भावना और सामाजिक समानता पर विस्तृत चर्चा की गई।

भिवंडी एक्शन फोर्स और लोक हिंद पार्टी के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का आयोजन ‘महफिल-ए-यादगार बाबासाहेब आंबेडकर’ के रूप में भिवंडी एक्शन फोर्स के मुख्य कार्यालय में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत वरिष्ठ पत्रकार एम. अबुबकर के संबोधन से हुई। उन्होंने बाबासाहेब को संविधान निर्माता और सामाजिक क्रांति के प्रतीक बताते हुए कहा कि शिक्षा ही समाज परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम है।
कार्यक्रम का संचालन मौलाना मोहम्मद असद कासमी ने किया। उन्होंने बाबासाहेब आंबेडकर के विचारों को समानता और न्याय पर आधारित बताते हुए कहा कि उनके सिद्धांत आज भी समाज को दिशा देते हैं। लोक हिंद पार्टी के संस्थापक बदीउज्जमान खान ने बाबासाहेब के संघर्षपूर्ण जीवन और उच्च शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर भिवंडी के मराठी दैनिक ‘स्वराज्य तोरण’ के संपादक किशोर पाटिल और ‘भारत शक्ति समाचार’ के संपादक फखर आलम खान का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में एडवोकेट फैजान आजमी, कांग्रेस नेता परवेज खान सहित कई सामाजिक और राजनीतिक हस्तियों ने भी विचार व्यक्त किए और बाबासाहेब के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान गायक सुहेल अंसारी (जूनियर महेंद्र कपूर) और विजय भोईर ने देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी, जिससे माहौल भावनात्मक और उत्साहपूर्ण बन गया। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों और प्रतिभागियों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, पत्रकार, और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। आयोजन का समापन आभार प्रदर्शन और सहभोज के साथ किया गया।

