लाखों जायरीन शामिल, अमन-चैन की दुआओं से गूंजा शहर
अब्दुल गनी खान
भिवंडी। पैगंबर-ए-इस्लाम हज़रत मोहम्मद ﷺ के यौमे विलादत (ईद मिलादुन्नबी) के पावन मौके पर सोमवार को भिवंडी शहर में रौनक और जश्न का आलम देखने लायक था। रज़ा अकादमी भिवंडी की जानिब से कोटर गेट मस्जिद से लेकर मिल्लतनगर स्थित मामा भांजा मैदान तक एक भव्य व ऐतिहासिक जुलूस निकाला गया, जिसमें शहरभर से लाखों जायरीन ने उत्साह और मोहब्बत के साथ भाग लिया।

जुलूस का रूट और माहौल
जुलूस की शुरुआत ऐतिहासिक कोटर गेट मस्जिद से हुई। यहाँ नागरिकों ने फूलों की बारिश कर जुलूस का स्वागत किया। रास्ते में चंद्रतारा मस्जिद, पांजरा पुल, वंजारपट्टी नाका, मदीना मस्जिद होते हुए काफिला गुज़रा। मदीना मस्जिद पर असर की नमाज़ अदा की गई, जिसके बाद जुलूस नासिक रोड होते हुए मामा भांजा मैदान पहुँचा।
पूरे सफर के दौरान शहर “हुजूर की आमद मरहबा” और “नारे तकबीर, अल्लाहु अकबर” के नारों से गूंजता रहा। जगह-जगह मंच सजाकर नागरिकों ने जुलूस का इस्तकबाल किया और अमन-शांति की दुआएं मांगी गईं।
धार्मिक व सामाजिक हस्तियों की मौजूदगी
इस मौके पर बरेली शरीफ से तशरीफ लाए मुफ़्ती मोहम्मद फैज़ रज़ा ख़ान मुख्य अतिथि रहे। भिवंडी की सभी सुन्नी मस्जिदों के उलेमा-ए-कराम ने बड़ी संख्या में शिरकत की। साथ ही विभिन्न धर्मों के सामाजिक प्रतिनिधि और स्थानीय नेता भी मंच पर मौजूद रहे और कार्यक्रम की सराहना की।


जनसहभागिता और व्यवस्था
भिवंडी के शांतिनगर, गैबीनगर, नवी बस्ती, फंडोले नगर, आज़मी नगर, पटेल कंपाउंड, माधवनगर, दरगाह दीवान शाह, ईदगाह क्षेत्र समेत हर इलाक़े से जायरीन बड़ी तादाद में शामिल हुए।
रज़ा अकादमी भिवंडी के अध्यक्ष क़ुरैशी आवेश रज़ा और उनकी टीम ने मेहमानों के स्वागत और प्रबंधन की पूरी ज़िम्मेदारी निभाई।
शहरभर में जगह-जगह पानी, शरबत और खाने-पीने का इंतज़ाम किया गया था। सुबह से ही मुस्लिम बस्तियों में छोटे-छोटे जुलूस और रैलियाँ निकलती रहीं। वहीं, प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे और भारी पुलिस बल की तैनाती की गई।
कार्यक्रम का समापन
शाम को मामा भांजा मैदान में दुआओं के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस दौरान शहर की फिज़ा अमन, भाईचारे और मोहब्बत के संदेश से गूंज उठी।

