देशभक्ति की ज्वाला से प्रज्वलित हुआ के.जे. सोमैया कॉलेज का 66वां स्थापना दिवस

महाराष्ट्र मुंबई

मनोज सानप की ‘शहीद कैप्टन विनायक गोरे’ एकांकी का 5000वां प्रयोग संपन्न

अब्दुल गनी खान
मुंबई, 24 सितंबर विद्याविहार स्थित के.जे. सोमैया कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय का 66वां स्थापना दिवस इस वर्ष देशभक्ति और गर्व की भावना से सराबोर रहा। इस अवसर पर ठाणे के जिला माहिती अधिकारी मनोज सानप द्वारा रचित एवं प्रस्तुत ‘शहीद कैप्टन विनायक गोरे’ एकांकी लघुनाटिका का ऐतिहासिक 5000वां प्रयोग किया गया। पिछले तीस वर्षों से यह नाट्यकृति युवाओं में शौर्य और देशभक्ति का संचार करती आ रही है।

नाटिका के हर संवाद में शौर्य की गूंज और हर दृश्य में बलिदान की महक थी। इस भावपूर्ण प्रस्तुति ने छात्रों और उपस्थित जनसमूह की आंखें नम कर दीं। सभी के मन में एक ही स्वर गूंजा— “शहीदों को सलाम और उनकी गाथा को जीवित रखने वाले कलाकार को सलाम।”

      शहीद कैप्टन गोरे का अमर बलिदान

26 सितंबर 1995 को जम्मू-कश्मीर की सीमा पर केवल 27 वर्ष की आयु में कैप्टन विनायक गोरे मातृभूमि पर शहीद हुए थे। ठीक एक दिन बाद, 27 सितंबर 1995 को, सोमैया कॉलेज में एनसीसी कैडेट रहे मनोज सानप ने इस एकांकी का पहला मंचन किया था। तब से लेकर अब तक यह नाटक देशप्रेम की मशाल जलाए हुए है और हजारों युवाओं को समाजसेवा व सेना में शामिल होने की प्रेरणा दे चुका है।


          विशेष सम्मान और अतिथि

कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. किशन पवार ने पूर्व छात्र संगठन की निदेशिका डॉ. पवन अग्रवाल, वीरमाता अनुराधा गोरे, पूर्व प्रधानाध्यापिका सुमन शिवाजी सानप, हिंदी साहित्य के राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता डॉ. सतीश पांडे, लेफ्टिनेंट कर्नल सतीश कुमार सिंह, भाजपा महाराष्ट्र प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती वर्षा भोसले, तथा अन्य विशिष्ट पूर्व छात्रों का सम्मान किया।

इस मौके पर अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिनमें डॉ. आतिश तौकरी, डॉ. हेमाली संघवी, डॉ. संगीता भट, डॉ. महेंद्र मिश्रा, डॉ. अनंत द्विवेदी, श्रीमती दुर्गा सिन्हा, नीलेश कुमार अग्रवाल, दिनेश गायकवाड़, डॉ. राजेश कटेसिया, बबन पवार, त्रियोगिनारायण पांडे, ब्यूरो चीफ हरिकेश जयसवाल सहित बड़ी संख्या में पूर्व छात्र, एनसीसी-एनएसएस के कैडेट्स और कॉलेज कर्मचारी शामिल थे।

         प्रेरणा से ओतप्रोत आयोजन

मुख्य अतिथि डॉ. पवन अग्रवाल ने अपने छात्र जीवन से लेकर आज तक की यात्रा साझा करते हुए युवाओं को दृढ़ संकल्प और अनुशासन के महत्व का संदेश दिया। वीरमाता अनुराधा गोरे ने मनोज सानप की देशभक्ति को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने सरकारी अधिकारी रहते हुए भी तीस वर्षों से इस प्रेरणादायी नाटिका के माध्यम से युवा पीढ़ी को देशप्रेम से जोड़ने का कार्य किया है।

सुमन शिवाजी सानप ने अपने पुत्र के बचपन से अब तक की यात्रा का उल्लेख कर छात्रों से कहा कि सही उम्र में सही जुनून को अपनाकर कोई भी ऊँचाई हासिल की जा सकती है।

      कॉलेज की प्रगति और समापन

इस अवसर पर उप-प्राचार्य डॉ. सत्यवान हनेगावे ने प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की, जबकि पूर्व छात्र संगठन के महासचिव शिजो पॉल ने वार्षिक रिपोर्ट पढ़ी। कार्यक्रम का संचालन सहायक प्राध्यापक सिमरन महतानी ने किया और अंत में डॉ. मीरा वेंकटेश ने आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *