कोनगांव पुलिस की सतर्कता और मानवीय पहल का उदाहरण
अब्दुल गनी खान
भिवंडी: नाशिक-मुंबई हाइवे पर पिंपळस फाटा क्षेत्र में 11 अक्टूबर 2025 की शाम एक लगभग 8 वर्षीय बालक रुपेश उपेंद्र राम भटकते हुए अवस्था में मिला।
बच्चे से उसका नाम-पता स्पष्ट रूप से नहीं बताया जा सका, जिसके चलते स्थानीय नागरिकों की मदद से उसे कोनगांव पुलिस थाने ले जाया गया।

सहायक पुलिस निरीक्षक श्री चुंबळे, जांच दल और बीट मार्शल-2 की टीम ने तुरंत बच्चे के परिजनों की खोज शुरू की। अथक प्रयासों और निरंतर जांच के बाद, 12 अक्टूबर 2025 की सुबह लगभग 8 बजे, पुलिस टीम ने टेमघर पाईपलाइन क्षेत्र में बच्चे के माता-पिता को खोज निकाला।
इसके बाद छोटे रुपेश को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। बच्चे के माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू थे और उन्होंने कोनगांव पुलिस का हृदय से आभार व्यक्त किया।
पुलिस की इस मानवीय पहल ने एक बार फिर यह साबित किया कि लोकसेवा ही सबसे बड़ी सेवा है।

