दहेज में बुलेट न मिलने पर पति ने पत्नी को दिया तिहरा तलाक, ससुराल पक्ष पर केस दर्ज

भिवंडी

अब्दुल गनी खान
भिवंडी: दहेज प्रथा और तिहरा तलाक पर कानूनी रोक के बावजूद ऐसे मामले लगातार सामने आ रहे हैं। भिवंडी की एक 25 वर्षीय महिला को उसके पति ने सिर्फ इसलिए तलाक, तलाक, तलाक कहकर घर से निकाल दिया क्योंकि मायकेवालों ने दहेज में बुलेट मोटरसाइकिल नहीं दी थी। पीड़िता की शिकायत पर भोईवाडा पुलिस ने पति समेत ससुराल पक्ष के कई सदस्यों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। हैरानी की बात यह है कि यह घटना उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले के नन्हाई गांव में हुई, जहाँ विवाह के बाद पीड़िता रह रही थी।पुलिस के अनुसार, भिवंडी के रोशन बाग स्थित बुबेरे कंपाउंड में रहने वाली पीड़िता का निकाह कुछ महीने पहले ही सुलतानपुर के राशिद से हुआ था। शादी के बाद से ही ससुरालवालों की ओर से दहेज में बुलेट नहीं मिलने को लेकर ताना-बाना और झगड़े बढ़ते चले गए। पीड़िता ने बताया कि 19 अक्टूबर से 11 नवंबर 2025 तक उसे लगातार गालियाँ दी गईं, मारपीट की गई और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।आरोप है कि इसी दौरान पति राशिद ने तीन बार तलाक बोलकर रिश्ता खत्म करने की घोषणा कर दी। इतना ही नहीं, शादी में मायके की ओर से दिए गए सोने के गहनों का भी ससुरालवालों ने कथित रूप से अपहरण कर लिया।

भोईवाडा पुलिस ने पति राशिद, सास शबनम अहमद, ससुर मोहम्मद अहमद, ननद अर्फा अहमद और रिश्तेदार पलावया के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 85, 316(2), 352, 351(2), 115(2), 3(5) तथा मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) कानून की धारा 3 व 4 के तहत मामला दर्ज किया है। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अशोक रत्नपारखी के अनुसार, जांच उपनिरीक्षक रामदास कोलथे कर रहे हैं।भिवंडी में इससे पहले भी व्हॉट्सऐप पर तीन भाषाओं—उर्दू, अरबी और अंग्रेज़ी—में तिहरा तलाक देने का मामला सामने आ चुका है। शहर में तिहरा तलाक कानून लागू होने के बाद भी अब तक 35 से अधिक प्रकरण दर्ज हो चुके हैं। यह स्थिति बताती है कि कड़े कानून के बावजूद महिलाओं के खिलाफ ऐसी घटनाएँ थम नहीं रही हैं।

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