अब्दुल गनी खान
भिवंडी। कानून और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में सक्रिय अधिवक्ता प्रो. फौज़िया मर्चेंट एक बार फिर नई ऊर्जा और स्पष्ट रणनीतिक दृष्टिकोण के साथ सामने आई हैं। “Defense-ready, Argument-approved” के संदेश के साथ उन्होंने यह संकेत दिया है कि उनका नया रूप पहले से अधिक सशक्त, रणनीतिक और परिणामोन्मुख है, जबकि उनकी कानूनी धार और प्रतिबद्धता पहले की तरह कायम है।

अधिवक्ता प्रो. फौज़िया मर्चेंट एक शिक्षाविद् और विधि विशेषज्ञ के रूप में जानी जाती हैं। उनके पास एम.कॉम, नेट, सीएसई, एलएलबी, एलएलएम जैसी उच्च शैक्षणिक योग्यताएं हैं और वे वर्तमान में पीएचडी कर रही हैं। कानून, शिक्षा और सामाजिक सरोकारों में उनकी सक्रिय भागीदारी उन्हें एक प्रभावशाली व्यक्तित्व के रूप में स्थापित करती है।
वर्तमान में वे नेशनल जनरल सेक्रेटरी, एनसीपी माइनॉरिटीज के पद पर कार्यरत हैं। इसके साथ ही वे वर्ल्ड ह्यूमन राइट्स काउंसिल में नेशनल सेक्रेटरी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी निभा रही हैं। इन पदों के माध्यम से वे अल्पसंख्यकों के अधिकार, सामाजिक न्याय और मानवाधिकारों के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।

कानूनी क्षेत्र में उनकी पहचान एक मजबूत पैरवीकर्ता के रूप में रही है, जो तर्क, रणनीति और संवैधानिक मूल्यों के आधार पर मामलों को आगे बढ़ाती हैं। उनके समर्थकों का कहना है कि नई भूमिका और नए अंदाज़ के साथ वे आने वाले समय में सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर और अधिक प्रभावी भूमिका निभाएंगी।
अपने संदेश के अंत में उन्होंने “New look, same legal fire” कहकर यह स्पष्ट किया है कि बदलाव केवल प्रस्तुति में है, उद्देश्य और संघर्ष की आग आज भी उतनी ही प्रखर है।

